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Raipur WRS Ground : इस वर्ष डब्लूआरएस दशहरा बनेगा ‘श्री राम विजयादशमी’…! रावण दहन नहीं, रामजी की अयोध्या विजय पर होगा उत्सव…यहां सुनिए MLA पुरंदर मिश्रा ने क्या कहा

Raipur WRS Ground: This year, WRS Dussehra will be celebrated as "Shri Ram Vijayadashami"! Instead of burning Ravana, the celebration will be about Ram's victory in Ayodhya.

Raipur WRS Ground

रायपुर, 21 सितम्बर। Raipur WRS Ground : राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक WRS दशहरा मैदान में इस वर्ष दशहरे का आयोजन ‘श्री राम विजयादशमी’ के रूप में भव्यता से मनाया जाएगा। यह जानकारी रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रावण दहन नहीं होगा, बल्कि भगवान श्रीराम की लंका विजय और अयोध्या आगमन की खुशी में यह पर्व मनाया जाएगा।

दशहरे का बदला स्वरूप, राम की विजय पर होगा फोकस

पुरंदर मिश्रा ने कहा, दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं, बल्कि यह भगवान राम की अयोध्या वापसी और असत्य पर सत्य की जीत का उत्सव है। इसलिए इस बार इसे ‘श्री राम विजयादशमी’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला के भव्य मंदिर की स्थापना के बाद यह पर्व इस वर्ष और भी ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से विशेष हो गया है।

सनातन परंपरा के अनुसार हो उत्सव

विधायक मिश्रा ने अपील की कि हर सनातनी को शास्त्रों में उल्लिखित विधि-विधान के अनुसार ही पर्वों को मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिन भगवान श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना, उनके आदर्शों का स्मरण और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाना चाहिए।

बड़े मंच पर होंगे राम-जनक और लक्ष्मण

इस बार दशहरा मैदान में एक विशेष मंच पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भव्य झांकी स्थापित की जाएगी। मैदान को रामराज्य के प्रतीक रंगों और प्रतीकों से सजाया जाएगा।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य रहेंगे उपस्थित

इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक और अन्य अतिविशिष्ट जनों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। आयोजन 55 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष एक नए वैचारिक स्वरूप में दशहरा मनाया जाएगा।

यह बदलाव न केवल परंपरा को एक नया दृष्टिकोण देने वाला है, बल्कि समाज में असली संदेश- सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा को भी प्रमुखता देता है। ‘श्री राम विजयादशमी’ के रूप में दशहरे का यह आयोजन राजधानी वासियों के लिए सांस्कृतिक पुनरावलोकन और अध्यात्मिक उत्सव का अवसर बन जाएगा।

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