Site icon AB News.Press

GST Theft Exposure : करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा…! 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी

GST Theft Exposure: GST theft worth crores of rupees exposed! GST theft by creating over 170 bogus firms

GST Theft Exposure

रायपुर, 19 सितंबर। GST Theft Exposure : राज्य जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कर चोरी का पर्दाफाश करते हुए 170 से अधिक फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड मो. फरहान सोरठिया, एक कर सलाहकार बताया जा रहा है, जो लंबे समय से बोगस फर्मों के ज़रिये जीएसटी फ्रॉड कर रहा था।

एक महीने से चल रही थी निगरानी

राज्य जीएसटी की बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट (BIU) की टीम पिछले एक महीने से इस गिरोह पर नजर रखे हुए थी। 12 सितंबर को फरहान के रायपुर स्थित कार्यालय पर जांच की गई, जहां से 172 फर्मों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए।

बोगस पंजीयन और फर्जी बिलिंग का नेटवर्क

फरहान ने अपने 5 स्टाफ की मदद से फर्मों का फर्जी पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग और ई-वे बिल जनरेट कराने का संगठित तंत्र बना रखा था। फर्जी पंजीयन के लिए किरायानामा, सहमति पत्र, और एफिडेविट जैसी जाली दस्तावेज तैयार किए जाते थे।सिर्फ 26 बोगस फर्मों से ही ₹822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में सिर्फ ₹106 करोड़ का टर्नओवर दर्शाया गया। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार राज्य को ₹100 करोड़ से अधिक का जीएसटी नुकसान हुआ है।

राज्यों तक फैला नेटवर्क

यह फर्जीवाड़ा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था। इन फर्मों के पंजीयन पंजाब, असम, मणिपुर, और ओडिशा जैसे राज्यों में भी कराए गए थे। 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के निवास पर छापा मारा गया, जहाँ से ₹1.64 करोड़ नकद, 400 ग्राम सोने के चार बिस्किट बरामद हुए। यह राशि और सोना जब्त कर लिया गया है और आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है।

अन्य कंपनियाँ और दलाल भी जांच के घेरे में

जीएसटी विभाग अब इन बोगस फर्मों से लाभ लेने वाले ब्रोकर, स्क्रैप डीलर, और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दुरुपयोग करने वाली कंपनियों की जांच कर रहा है। मामले में विधिक कार्यवाही जारी है और जल्द ही अधिक गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। राज्य कर विभाग के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी फर्जीवाड़ा जांच में से एक मानी जा रही है, जिसमें तकनीकी टूल्स जैसे जीएसटी एनालिटिक्स, इंटेलिजेंस नेटवर्क और प्राईम पोर्टल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Exit mobile version