Site icon AB News.Press

District Badar : रायगढ़ से बड़ी खबर…! मृत व्यक्ति को किया जिला बदर…आदेश के बाद मचा प्रशासन में हड़कंप

Appointed Observers: 17 central observers have been appointed for the Congress organizational elections! The process of selecting district presidents has accelerated… See the list here.

Appointed Observers

रायगढ़, 19 सितंबर। District Badar : रायगढ़ ज़िले में एक अजीबो-गरीब प्रशासनिक चूक सामने आई है, जहां एक मृत व्यक्ति को जिला बदर करने का आदेश जारी कर दिया गया। यह आदेश 11 सितंबर 2025 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा पारित किया गया था, जिसमें श्याम गोरख (उम्र 27, निवासी सोनिया नगर, थाना सिटी कोतवाली रायगढ़) को एक वर्ष के लिए रायगढ़ व आसपास के सात जिलों से निष्कासित कर दिया गया।

आदेश के बाद हुआ खुलासा

जैसे ही आदेश जारी हुआ, प्रशासन को मौखिक सूचना मिली कि श्याम गोरख की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इस सूचना ने पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।

जांच में पाया गया कि आदेश रायगढ़ एसपी के प्रतिवेदन और 25 अगस्त को प्राप्त फरारी पंचनामा के आधार पर पारित किया गया था। इस पंचनामा में बताया गया था कि श्याम गोरख 30-40 दिनों से अपने घर पर नहीं मिल रहा था।

कलेक्टर न्यायालय की सफाई

कलेक्टर न्यायालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि कोर्ट में मृत्यु की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। श्याम गोरख 7 अक्टूबर 2024 को कोर्ट में पेश हुआ था लेकिन इसके बाद लगातार अनुपस्थित रहा।

थाना प्रभारी की रिपोर्ट के अनुसार वह फरार था, जिस पर पंचनामा तैयार कर 11 सितंबर 2025 को जिला बदर का आदेश पारित कर दिया गया। मृत्यु की मौखिक जानकारी अब पुलिस को वेरीफिकेशन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

क्या हुई गलती?

कोर्ट को मृतक की कोई सूचना नहीं दी गई थी। पुलिस ने फरारी का पंचनामा पेश किया, जिसमें मौत का कोई जिक्र नहीं था। आदेश पारित होने के बाद ही यह स्पष्ट हुआ कि श्याम गोरख की मौत हो चुकी है।

अब क्या होगा?

पुलिस को शव और मृत्यु प्रमाण पत्र की पुष्टि कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मृत्यु की पुष्टि होती है, तो जिला बदर आदेश रद्द किया जाएगा और जांच में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

यह मामला दिखाता है कि, अप्रचलित या गलत सूचनाओं के आधार पर कैसे संवेदनशील आदेश पारित हो सकते हैं।प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मृत्यु जैसे तथ्य भी अनदेखे रह सकते हैं, यदि संबंधित पक्ष समय पर जानकारी नहीं देता।

 

Exit mobile version