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Vote Chor Gaddi Chhod Abhiyan : सचिन पायलट का छत्तीसगढ़ दौरा…! ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान के साथ कांग्रेस को मिली नई ऊर्जा

Vote Chor Gaddi Chhod Abhiyan: Sachin Pilot's Chhattisgarh tour...! Congress got new energy with the 'Vote Chor, Gaddi Chhod' campaign

Vote Chor Gaddi Chhod Abhiyan

कोरबा, 16 सितंबर। Vote Chor Gaddi Chhod Abhiyan : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट तीन दिवसीय प्रवास पर सोमवार से राज्य पहुँचे हैं। यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा और एकजुटता का स्रोत माना जा रहा है। पायलट इस दौरान प्रदेश के आठ जिलों में लगातार जनसभाएँ, पदयात्राएँ और हस्ताक्षर अभियानों में शामिल हो रहे हैं।

पहला दिन : रायगढ़ और कोरबा में जोशभरी शुरुआत

सोमवार को सचिन पायलट झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से होते हुए रायगढ़ पहुँचे, जहाँ उन्होंने कांग्रेस के ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान में शिरकत की। हस्ताक्षर अभियान के साथ-साथ उन्होंने पदयात्रा भी की। रायगढ़ के बाद वे कोरबा रवाना हुए, जहाँ रात्रि में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में कार्यकर्ताओं ने जोश और उम्मीद के साथ पायलट का स्वागत किया।

दूसरा दिन : बिलासपुर से बेमेतरा और राजनांदगांव तक कांग्रेस का कारवाँ

मंगलवार को पायलट कोरबा से रतनपुर पहुँचे और स्थानीय कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने तखतपुर और मुंगेली में जनसंपर्क पदयात्रा की।
दोपहर बाद वे बेमेतरा पहुँचे और शाम को राजनांदगांव में डेरा डाला। इन सभी जगहों पर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और अभियान में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की।

तीसरा दिन : राजनांदगांव और दुर्ग-भिलाई पर फोकस

बुधवार को पायलट राजनांदगांव में पदयात्रा करेंगे और फिर दोपहर तक दुर्ग पहुँचेगे। इसके बाद भिलाई में दौरे का अंतिम कार्यक्रम होगा, जहाँ वे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। यह संवाद कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बढ़ाने और संगठन को और मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

रणनीतिक मकसद और पार्टी का संदेश

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के दौरान पायलट न सिर्फ जनसभाएँ कर रहे हैं, बल्कि वे ब्लॉक स्तर की कमेटियों की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे हैं और आगामी राजनीतिक रणनीति तय कर रहे हैं। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर आई खींचतान और संगठनात्मक ढीलापन को देखते हुए, इस दौरे को कांग्रेस संगठन को फिर से सक्रिय और एकजुट करने का प्रयास माना जा रहा है।

‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ बना अभियान का नारा

इस पूरे प्रवास के दौरान कांग्रेस के ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ नारे को विशेष रूप से उभारा गया है। यह नारा आगामी चुनावों से पहले भाजपा सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सचिन पायलट का यह दौरा कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं से संवाद और जनसंपर्क को गहराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। कांग्रेस इस मौके को आगामी चुनावों की भूमिका तय करने के रूप में देख रही है।

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