मेरठ/उत्तर प्रदेश, 16 सितंबर। Ramkatha : विक्टोरिया पार्क में चल रही रामकथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा दिए गए एक बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है। स्वामी ने अपने भाषण में इस्लाम धर्म की महिलाओं के प्रति स्थिति पर तीखी टिप्पणी की, जो समाज के बड़े हिस्से में असंतोष का कारण बनी है। उनके कुछ अन्य बयानों ने भी सामाजिक और राजनीतिक बहस को और उग्र कर दिया है।
इस्लाम में कई महिलाओं के साथ पत्नी जैसा व्यवहार
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं की दुर्गति होती है और उउन्होंने दावा किया कि इस्लाम में कई महिलाओं के साथ पत्नी जैसा व्यवहार किया जाता है, जबकि हिंदू धर्म में महिलाओं को देवी समान दृष्टि मिलती है। उन्होंने ‘एक-एक महिला से 25-25 बच्चे’ होने की बात कही, और बाद में ‘तीन तलाक’ देकर विवाह-बाध्य महिला को छोड़ देने की प्रथा पर कटाक्ष किया। शैक्षणिक संदर्भ में उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को कॉन्वेंट या मदरसा भेजने की बजाय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े विद्यालयों में शिक्षा दें।
तीखी आलोचना हुई
समाज और राजनीतिक दलों से स्वामी के बयानों पर तीखी आलोचना हुई है। कई लोग इसे धार्मिक सहिष्णुता और स्त्री सम्मान के सिद्धांतों के खिलाफ मान रहे हैं। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने प्रतिक्रिया दी है कि इस्लाम धर्म में महिलाओं का सम्मान है और स्वामी के दावे एकतरफ़ा एवं तथ्यों की जाँच के बिना लगाए गए हैं। राजनीतिक ओर से भी बयानों की निंदा हुई है। कुछ लोगों ने पूछा है कि इस तरह के बयानों से समाज में विभाजन बढ़ने का खतरा है।
वर्तमान स्थिति
मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और जन-आक्रोश बढ़ रहा है। विवादित टिप्पणी के बाद कुछ नेता और धार्मिक संगठन स्पष्ट कर रहे हैं कि धार्मिक मंचों से इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। जांच या संत समाज के अंदर संवाद की संभावना बताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे बयान न हों।
स्वामी रामभद्राचार्य का यह बयान, जिसमें उन्होंने महिलाओं, धर्मों और शिक्षा के विषयों पर तुलना की, वास्तव में संवेदनशील है और भारत की सामाजिक-धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए अनेक लोगों को असहज कर रहा है। इस तरह के बयान, चाहे किसी धार्मिक या सार्वजनिक मंच से हों, समाजिक सौहार्द और एकता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि नेताओं और धार्मिक गुरुओं द्वारा तथ्यपरक, संतुलित और सोच-समझकर भाषा का प्रयोग हो।

