मरवाही, 16 सितंबर। Green Credit Scheme : छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के खोडरी परिक्षेत्र में ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप में वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिलासपुर वृत्त के मुख्य वनसंरक्षक प्रभात मिश्रा द्वारा की गई।
क्या है मामला?
दिनांक 24 अगस्त 2025 को खोडरी परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 2210 में ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्य का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सामने आया कि, पौधों को मानक दूरी पर नहीं लगाया गया था।केवल 2 इंच से 1 फीट तक की ऊंचाई के पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण की तकनीक और गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं था। इन लापरवाहियों और अनियमितताओं के चलते परिक्षेत्र अधिकारी मनीष श्रीवास्तव पर सरकारी कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप तय हुआ।
सस्पेंशन और अनुशासनात्मक कार्रवाई
मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। मुख्य वनसंरक्षक के आदेश अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनकी उपस्थिति अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी में निर्धारित की गई है।
विवादित छवि और महंगी गाड़ियों का शौक
मनीष श्रीवास्तव पहले भी विवादों में घिरे रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वे महंगी गाड़ियों और दिखावे के शौकीन माने जाते हैं। कार्यशैली को लेकर पहले भी आंतरिक स्तर पर कई शिकायतें की जा चुकी हैं।
प्रभार में बदलाव
निलंबन के बाद, खोडरी परिक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार अब वन परिक्षेत्र अधिकारी, पेंड्रा, ईश्वरी प्रसाद खूंटे को सौंपा गया है। यह घटना न सिर्फ एक अधिकारी की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ग्रीन क्रेडिट योजना जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कार्यक्रम की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

