Cabinet Sub-Committee Meet : धान खरीदी की तैयारी तेज़…! मंत्री मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का स्टैंड प्वाइंट…30 सितंबर तक उठाव और 30 अक्टूबर तक पंजीयन
Shubhra Nandi
Cabinet Sub-Committee Meet
रायपुर, 13 सितंबर। Cabinet Sub-Committee Meet : छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सीजन को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। इसी कड़ी में हुई मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में बैठक के अहम बिंदुओं और विपक्ष के आरोपों पर खुलकर अपनी बात रखी।
धान खरीदी की तैयारी को लेकर हुई समीक्षा
मंत्री जायसवाल ने बताया कि बैठक में पिछले वर्ष उपार्जित धान के उठाव और कस्टम मिलिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर परिवहन में बाधा आई थी, जिससे धान का उठाव धीमा पड़ा। इसके बावजूद 30 सितंबर तक शत-प्रतिशत धान उठाव के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
संग्रहण केंद्रों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
आगामी धान खरीदी के लिए संग्रहण केंद्रों पर चबूतरे, कंप्यूटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा भी बैठक का अहम हिस्सा रही। मंत्री ने कहा, “हर केंद्र पर किसानों को सुविधाएं मिलें, यह हमारी प्राथमिकता है।”
एग्रिस्टेक पोर्टल पर 100% पंजीयन के निर्देश
धान बेचने के लिए किसानों के एग्रिस्टेक पोर्टल पर पंजीयन को लेकर मंत्री ने कहा कि, हमने अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस द्वारा किसानों के पंजीयन नहीं होने के आरोपों पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस झूठ फैला रही है। कई जिलों में 90% तक पंजीयन हो चुका है। जो कांग्रेस पहले DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का विरोध करती थी, आज वही हम पर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, आजादी के बाद से कांग्रेस ने किसानों का शोषण किया है, और अब जब पारदर्शिता लाई जा रही है, तो उन्हें ये रास नहीं आ रहा। हमारा लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर भुगतान हो, और उसका धान सुरक्षित तरीके से खरीदा जाए।
बहरहाल, राज्य सरकार ने आगामी धान खरीदी को लेकर व्यवस्थित तैयारी शुरू कर दी है। धान उठाव, मिलिंग, पंजीयन और केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, वहीं विपक्ष के आरोपों को उन्होंने राजनीतिक झूठ करार दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पंजीयन और खरीदी की ज़मीनी स्थिति क्या रहती है।