Site icon AB News.Press

Big Blow to Naxalism : बस्तर की खूंखार महिला नक्सली सुजाता का आत्मसमर्पण…! सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी…कुख्यात माओवादी कमांडर किशन की विधवा

Big Blow to Naxalism: Surrender of dreaded female Naxalite Sujata of Bastar...! Big success of security agencies... widow of notorious Maoist commander Kishan

Big Blow to Naxalism

हैदराबाद/रायपुर, 13 सितंबर। Big Blow to Naxalism : देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी मेंबर और एक करोड़ की इनामी नक्सली कमांडर सुजाता ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। सुजाता को नक्सली संगठन में ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाता था और वह कुख्यात माओवादी किशनजी की पत्नी है। तेलंगाना पुलिस ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में विस्तृत जानकारी राज्य के डीजीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए साझा करेंगे।

कौन है सुजाता?

सुजाता नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी की सदस्य रही है। वह दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की इंचार्ज के रूप में काम कर चुकी है। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में वह वर्षों तक सक्रिय रही और कई बड़े नक्सली हमलों की मास्टरमाइंड रही है। कहा जाता है कि उसने खूंखार नक्सली हिड़मा को ट्रेनिंग दी थी। उसकी पहचान इतनी खतरनाक थी कि उसकी तुलना चंदन तस्कर वीरप्पन से की जाती रही है।

आत्मसमर्पण से पहले की अफवाहें

17 अक्टूबर 2024 को सुजाता की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी। उस समय उसने खुद मीडिया के जरिए इन खबरों को खारिज कर दिया था और बताया कि वह केवल इलाज के लिए तेलंगाना आई थी। अब उसके औपचारिक आत्मसमर्पण ने सुरक्षा एजेंसियों को राहत दी है।

सुरक्षा विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, सुजाता का आत्मसमर्पण नक्सल आंदोलन की रीढ़ पर एक गहरी चोट है। वह संगठन के अंदरूनी ढांचे, रणनीति और नेटवर्क की बारीक जानकारी रखती है, जिससे भविष्य की कार्रवाई को गति मिल सकती है।इससे संगठन के अंदर भय और अविश्वास का माहौल पनपने की संभावना भी जताई जा रही है।

हालिया मुठभेड़ों से भी नक्सलियों को झटके

इससे पहले 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें, 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली मनोज मोडेम उर्फ बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया। उसके साथ 25 लाख के इनामी नक्सली प्रमोद समेत 10 नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफल, सात ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में ई-30, एसटीएफ और सीआरपीएफ की कोबरा टीम शामिल थी।
Exit mobile version