रायपुर, 12 सितंबर। Ayushman Bharat Scheme : आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा लगातार आयुष्मान कार्डधारकों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1,600 से 1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी अनुमानित राशि ₹4 करोड़ से अधिक है।
राज्य सरकार ने जारी किए ₹375 करोड़
वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक ₹375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इनमें से जुलाई 2025 तक ₹280 करोड़ के दावे भुगतान किए जा चुके हैं। वहीं केंद्र सरकार से ₹130 करोड़ की राशि इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है। इससे निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान शीघ्र निपटाए जा सकेंगे और इलाज में कोई रुकावट नहीं आएगी।
IMA और स्वास्थ्य विभाग में नियमित संवाद
राज्य स्वास्थ्य विभाग और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के बीच लगातार परामर्श जारी है। सभी पंजीकृत अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि, मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नहीं की जाए। गरीब एवं कमजोर वर्ग के कोई भी मरीज योजना से वंचित न रहें।
नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक योजना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, 24 अस्पतालों को पैनल से बाहर कर दिया गया है। 11 अस्पतालों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि योजना का लाभ पारदर्शिता के साथ जरूरतमंदों तक पहुँच सके।
स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला का आयोजन शीघ्र
योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करेगी। इसमें अस्पताल प्रबंधक, डॉक्टर, नीति निर्धारक एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ योजनागत समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ ने बताया, विभागीय मंत्री की पहल पर ₹375 करोड़ जारी कर दिए गए हैं। ₹130 करोड़ की राशि केंद्र से भी आ रही है। कुल मिलाकर ₹505 करोड़ का फंड बकाया भुगतान के लिए उपलब्ध रहेगा। राज्य एवं जिला स्तर के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया और विश्वास जताया कि, अब मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी स्थिति में बंद नहीं होगा।
सरकार की प्रतिबद्धता इलाज सबके लिए, बिना आर्थिक बोझ
राज्य सरकार इस बात के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित है कि, हर पात्र व्यक्ति को आयुष्मान योजना का लाभ मिले। कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में पीड़ित न हो। गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएँ।

