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Dead Man Returns Home : मृत मानकर परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा…आधी रात को लौटा जिंदा युवक…मोहल्ले में ‘भूत-भूत’ का मच गया शोर

Dead Man Returns Home : Assuming him to be dead, the family is busy preparing for the last rites... The young man returned alive at midnight... There was a hue and cry of 'ghost' in the neighbourhood

Dead Man Returns Home

कोरबा, 10 सितंबर। Dead Man Returns Home : कोरबा जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र के गेवरा बस्ती विश्रामपुर में एक ऐसा हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जहां एक ओर परिवार गुमशुदा युवक की मौत मानकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर वही युवक आधी रात को अचानक घर लौट आया, जिसे देखकर मोहल्ले में ‘भूत-भूत’ की चीख-पुकार मच गई।

मामला क्या है?

27 वर्षीय हरीओम वैष्णव कुछ दिन पहले अपने ससुराल दर्री गया था। देर तक वापस न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया और गुमशुदगी की रिपोर्ट कुसमुंडा थाने में दर्ज करवाई।

इसी बीच, बांकीमोंगरा थाना अंतर्गत डंगनिया नदी से एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को बाहर निकाल कर शिनाख्त की कोशिश की। हरीओम की गुमशुदगी की जानकारी मिलते ही परिवार को बुलाया गया।

परिवार ने बाल, दाढ़ी, रंग, कपड़े और हाथ पर ‘R’ टैटू के आधार पर शव को हरीओम समझ लिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। रात हो जाने के कारण अंतिम संस्कार अगले दिन सुबह करने का निर्णय लिया गया।

आधी रात को लौटा

रात के करीब 12 बजे मोहल्ले में हरीओम पैदल चलता हुआ दिखाई दिया। जैसे ही लोगों ने उसे देखा, ‘भूत-भूत’ चिल्लाते हुए भागने लगे। मोहल्ले में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हरीओम ने परिवार और पड़ोसियों को समझाया कि वह ससुराल पक्ष की किसी बात से नाराज होकर कुछ दिनों के लिए कहीं चला गया था और अब लौट आया है। जब सच्चाई सामने आई तो लोगों ने राहत की सांस ली, और घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

नदी में मिला शव किसका?

हरीओम के जिंदा लौट आने के बाद पुलिस अब नदी से मिले अज्ञात शव की असली पहचान में जुट गई है। शव को वापस बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के मर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया है।

पुलिस जांच जारी

कुसमुंडा और बांकीमोंगरा पुलिस अब मिलकर इस रहस्यमय मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने ‘मृत मानकर जिंदा लौटने’ (Alive After Presumed Dead) जैसी दुर्लभ स्थिति को जन्म दिया है, जो न केवल परिवार और मोहल्ले बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी चौंकाने वाली है।

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