बीजापुर, 09 सितंबर। Mukesh Murder Case : बहुचर्चित मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में 8 महीने बाद एक अहम मोड़ आया है। शनिवार को प्रशासन ने हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश के उस बाड़े को बुलडोजर से गिरा दिया, जहां पत्रकार की हत्या हुई थी। यह वही स्थान था, जिसे लेकर पत्रकार संगठनों ने लंबे समय से कार्रवाई की मांग की थी।
हत्या के बाद से विवादित था बाड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 जनवरी 2025 को हुई हत्या के बाद से ही यह बाड़ा विवादों में था। लेकिन किसी न किसी कारणवश कार्रवाई टलती रही। शनिवार को प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर मौके पर निर्माण को अवैध घोषित किया और ध्वस्त कर दिया।
हत्या के पीछे जमीन और रिपोर्टिंग का विवाद
प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि मुकेश चंद्राकर की हत्या के पीछे जमीन विवाद और पत्रकारिता से जुड़ी रिपोर्टिंग प्रमुख कारण हो सकते हैं। आरोपी सुरेश को घटना के कुछ दिनों बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा।
पत्रकार संगठनों ने की कार्रवाई की सराहना
बीजापुर प्रेस क्लब समेत राज्य स्तरीय पत्रकार संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। प्रेस क्लब अध्यक्ष ने कहा, यह सिर्फ एक अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई नहीं, बल्कि पत्रकार सुरक्षा और न्याय की दिशा में उठाया गया अहम कदम है। उन्होंने प्रशासन से मामले की तेज़ सुनवाई और आरोपियों को सख्त सज़ा देने की मांग भी की।
आगे भी हो सकती है कार्रवाई
प्रशासन की ओर से यह संकेत मिला है कि आरोपी की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। यदि वे भी अवैध पाई जाती हैं तो अगली कार्रवाई की जा सकती है।
परिवार को अब भी न्याय की प्रतीक्षा
मुकेश चंद्राकर के परिजनों ने इस कार्रवाई पर आंशिक संतोष जताया है, लेकिन उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि, मुख्य आरोपियों को जल्द और कड़ी सज़ा दी जाए। मुकदमे की सुनवाई तेज़ हो। परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए
परिजनों ने कहा कि, 8 महीने बीत गए, पर हम आज भी न्याय की राह देख रहे हैं। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि एक बार फिर से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ सकता है।

