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Fast Track Decision : रेप के बाद ICE बॉक्स में भरकर फेंक दी थी बच्ची को…दरिंदे को 58 दिनों में हुई फांसी…जज ने कहा- मृत्यु तक फांसी पर लटकाया जाए

Fast Track Decision: After the rape, the girl was stuffed in an ICE box and thrown away... The culprit was hanged in 58 days... The judge said- he should be hanged till death

Fast Track Decision

बांदा, 09 सितंबर। Fast Track Decision : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना में कोर्ट ने त्वरित और सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। यह मामला जून 2025 का है, जब चिल्ला थाना क्षेत्र में 3 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसे आइस बॉक्स में बंद कर जंगल में फेंक दिया गया था। इलाज के दौरान बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई थी।

58 दिनों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला

जिला न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा की कोर्ट ने केवल 58 दिनों में इस जघन्य अपराध का निपटारा करते हुए आरोपी सुनील निषाद को फांसी की सजा सुनाई। जज ने टिप्पणी करते हुए कहा, “दोषी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।”

क्या था पूरा मामला?

घटना जून 2025 की है। मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी आरोपी सुनील ने उसे टॉफी का लालच देकर अगवा किया। सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया और मरा समझकर बच्ची को आइस बॉक्स में बंद कर जंगल में फेंक दिया।बच्ची को बेहोशी की हालत में पुलिस ने बरामद किया, पर कानपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

आरोपी का घर गिराया गया

घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। डीएम जे. रिभा और एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर आरोपी का तीन बिस्वा में बना मकान बुलडोजर से ढहा दिया गया।

कोर्ट ने की पुलिस की तारीफ

शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह गौतम ने बताया कि अदालत में 11 गवाह पेश किए गए। 7 जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया गया। 8 सितंबर को फैसला सुनाया गया। अदालत ने बांदा पुलिस की त्वरित और कड़ी कार्रवाई की सराहना की।
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