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Raipur Nagar Nigam : नगर निगम बैठक में गरमाया माहौल…! भाजपा पार्षद खगपति सोनी ने पेश किया इस्तीफे का प्रस्ताव

Raipur Nagar Nigam: The atmosphere heated up in the Municipal Corporation meeting...! BJP councilor Khagpati Soni presented a proposal to resign

Raipur Nagar Nigam

रायपुर, 06 सितंबर। Raipur Nagar Nigam : रायपुर नगर निगम की बैठक के दौरान शुक्रवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भाजपा पार्षद खगपति सोनी ने विधायक और अधिकारियों के सामने ही अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। पार्षद सोनी ने कहा कि यदि वे अपने वार्ड की जनता को पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दिला सकते, तो उनके पार्षद बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

नाराजगी की वजह

बैठक के दौरान नगर निगम प्रशासन द्वारा वार्ड विकास संबंधी कई प्रस्तावों को लौटाए जाने का मुद्दा उठा। इसी बात को लेकर पार्षद सोनी ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि निगम प्रशासन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहा है।

पार्षद का तीखा बयान

खगपति सोनी ने बैठक में खुले मंच से कहा, यदि पार्षद होकर मैं अपने वार्ड में काम नहीं कर सकता, लोगों को पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधा नहीं दिला सकता तो मेरे पार्षद बने रहने का कोई मतलब नहीं है। ऐसी स्थिति में मेरा इस्तीफा ले लीजिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल गंभीर हो गया और कुछ क्षणों के लिए सन्नाटा छा गया।

विधायक की प्रतिक्रिया

बैठक में मौजूद विधायक पुरंदर मिश्रा ने पार्षद को शांत करने का प्रयास किया और आश्वस्त किया कि, जनहित के किसी भी प्रस्ताव को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पार्षद की इस तल्ख टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की आंतरिक खींचतान का नतीजा बताया और कहा कि भाजपा नेताओं में सामंजस्य की कमी अब सार्वजनिक मंचों पर नजर आने लगी है। वहीं भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पार्षद सोनी की नाराजगी जायज है, क्योंकि जब जनता की उम्मीदें पूरी नहीं होतीं तो जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच कठिन सवालों का सामना करना पड़ता है।

नगर निगम की बैठक में जो घटना सामने आई, वह न सिर्फ जनप्रतिनिधियों की बढ़ती हताशा को दिखाती है, बल्कि प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व के बीच सामंजस्य की कमी की ओर भी इशारा करती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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