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Deputy CM और महिला IPS के बीच ‘पावरफुल’ बहस का VIDEO वायरल…! अवैध खनन पर कार्रवाई रोकने का दबाव…?

Video of heated debate between Deputy CM and female IPS officer goes viral...! Pressure to stop action against illegal mining...?

Deputy CM

सोलापुर/महाराष्ट्र, 05 सितंबर। Deputy CM : महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार और महिला IPS अधिकारी अंजना कृष्णा के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में अजित पवार, सोलापुर के कुर्दु गांव में अवैध मुरम खनन को लेकर कार्रवाई कर रहीं IPS अधिकारी को कार्रवाई रोकने का ‘आदेश’ देते नजर आ रहे हैं।

क्या है वीडियो में?

31 अगस्त को रिकॉर्ड हुए इस वीडियो में देखा गया, जिसमें IPS अंजना कृष्णा सिविल ड्रेस में मोबाइल पर कॉल करती नजर आ रही हैं। वह अवैध खनन के खिलाफ सोलापुर के कुर्दु गांव में कार्रवाई कर रही थीं। कॉल पर मौजूद व्यक्ति खुद को अजित पवार बताते हुए अधिकारी से कार्रवाई रोकने के लिए कहते हैं।

वीडियो कॉल पर हुई बातचीत

अजित पवार: “मैं डिप्टी सीएम अजित पवार बोल रहा हूं, मैं आदेश देता हूं कि ये कार्रवाई रोको।”
IPS कृष्णा: “आप मेरे फोन पर डायरेक्ट कॉल कीजिए। मुझे नहीं पता आप कौन हैं।”
अजित पवार: “मैं तेरे पर एक्शन लूंगा, इतनी डैरिंग हुई है क्या?”
IPS: “मैं समझ रही हूं सर… मुझे कुछ पता नहीं है।”

बाद में अजित पवार वीडियो कॉल पर बातचीत करते हैं और अधिकारी को अपना चेहरा दिखाकर पहचानने को कहते हैं।

NCP की सफाई 

वीडियो वायरल होने और मामला बढ़ने के बाद एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सफाई देते हुए कहा, यह वीडियो जानबूझकर लीक किया गया है। अजित दादा का इरादा कार्रवाई रोकने का नहीं था, हो सकता है कि वह कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए अधिकारी से बात कर रहे हों। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार कभी भी अवैध गतिविधियों का समर्थन नहीं करते, और वे सीधी बात करने के लिए जाने जाते हैं

कानूनी और प्रशासनिक सवाल

इस घटनाक्रम के बाद कुछ अहम सवाल खड़े हो गए हैं, क्या एक राज्य के डिप्टी सीएम का किसी पुलिस अधिकारी को फोन पर कार्रवाई रोकने का आदेश देना संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर है? क्या यह अधिकारी पर राजनीतिक दबाव बनाने का मामला बनता है? IPS अंजना कृष्णा की साहसिक और संवैधानिक भूमिका की व्यापक सराहना हो रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनता का नजरिया

विपक्ष ने इस मामले पर अजित पवार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर अजित पवार की भाषा और टोन को लेकर आलोचना हो रही है। वहीं, कई लोगों ने IPS अंजना कृष्णा के पेशेवर रुख और संयम की तारीफ की है।

एक ओर जहां यह मामला सत्ता और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन की परीक्षा बन गया है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राजनेता प्रशासनिक स्वायत्तता का सम्मान कर रहे हैं?

यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक परिपक्वता दोनों के लिए एक अहम संकेत है कि संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना और कानून के तहत काम करना कितना जरूरी है।

 

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