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Rewarded Naxalite Surrenders : सुकमा में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी…! 33 लाख के इनामी सहित 20 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Rewarded Naxalite Surrenders: Big success on Naxal front in Sukma...! 20 Naxalites including those with a reward of 33 lakhs surrendered

Rewarded Naxalite Surrenders

सुकमा, 03 सितंबर। Rewarded Naxalite Surrenders : छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले से नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता सामने आई है। यहां ₹33 लाख के इनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आज सुकमा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं।

इनमें से कई नक्सली लंबे समय से PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) के साथ सक्रिय रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में, 1 एरिया कमेटी मेंबर (ACM), 4 पार्टी सदस्य और 15 जनमिलिशिया और अग्र संगठन से जुड़े सदस्य शामिल हैं।

विशेष रूप से एक महिला नक्सली, जो PLGA बटालियन में हार्डकोर सक्रिय सदस्य रही है, का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

रणनीतिक दबाव और पुनर्वास नीति

सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा मौजूदगी, और सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीति और ‘नियत नेल्ला नार’ योजना जैसे कार्यक्रमों ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया है।

‘नियत नेल्ला नार’ (नई सुबह की ओर) यह योजना नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और पुनर्वास, रोजगार व सामाजिक पुनर्स्थापन के अवसर प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बदलता माहौल

सुकमा जैसे नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र में इस तरह के सामूहिक आत्मसमर्पण से स्पष्ट है कि अब हिंसा छोड़कर शांति और विकास की ओर कदम बढ़ाया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वालों ने न केवल हथियार छोड़े हैं, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प भी लिया है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

सुकमा पुलिस और जिला प्रशासन ने इस आत्मसमर्पण को ‘सुरक्षा बलों और नीति निर्माताओं की सामूहिक रणनीतिक सफलता’ बताया है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की नीति के तहत सभी सुविधाएं और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे।

यह आत्मसमर्पण न केवल राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह संकेत भी है कि हिंसा की राह छोड़कर अब नक्सली भी विकास और शांति की ओर बढ़ने को तैयार हैं। आने वाले समय में यह सिलसिला और तेज होने की संभावना है।

इनामी नक्सलियों का ब्योरा

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