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NHM कर्मियों की हड़ताल पर गरमाई सियासत…! टीएस सिंहदेव के बयान ने खोली कांग्रेस की पोल…यहां सुनिए VIDEO

Politics heats up over NHM workers' strike...! TS Singhdev's statement exposed Congress... Listen to the video here

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रायपुर, 03 सितंबर। NHM कर्मियों की हड़ताल आज 17वें दिन भी जारी है। नियमितीकरण समेत 10 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मियों को अब राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिलने लगा है। मगर इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का एक बयान कांग्रेस के लिए सियासी मुश्किलें बढ़ा रहा है।

कांग्रेस पर सिंहदेव का ‘सीधा वार’

टीएस सिंहदेव का एक वायरल वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वीडियो में सिंहदेव स्पष्ट रूप से स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि कांग्रेस ने 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में NHM कर्मियों के नियमितीकरण का वादा किया था, जिसे सरकार रहते पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा, हमसे वादा किया गया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ। शायद यही कारण था कि हम चुनाव हार गए और सरकार चली गई।

सिंहदेव के इस बयान से कांग्रेस नेतृत्व असहज नजर आ रहा है, क्योंकि यह टिप्पणी पार्टी की नाकामी को खुद उसके ही वरिष्ठ नेता की ओर से उजागर करती है।

राजनीति की नई करवट

जहां एक ओर NHM कर्मी 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं अब इस आंदोलन को सियासी समर्थन भी मिलने लगा है। भाजपा सांसद विजय बघेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर NHM कर्मियों की मांगों को ‘न्यायोचित’ बताया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कर्मियों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया।

लेकिन सियासत तब और तेज हो गई जब कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने टीएस सिंहदेव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, कांग्रेस की हार के पीछे सिर्फ एक वादा नहीं, बल्कि रेत, कोयला और पीएससी जैसे कई घोटाले भी कारण थे।

कांग्रेस में भी मतभेद 

टीएस सिंहदेव के बयान से उपजी असहजता को कांग्रेस ने संभालने की कोशिश की। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बयान का बचाव करते हुए कहा, हमने पहले ही स्वीकार किया है कि कुछ कमियां रह गई थीं। बाबा साहेब (टीएस सिंहदेव) ने वही बात दोहराई है जो हमने भी मानी है।

यहां यह बताना जरूरी है कि, 2023 की विधानसभा चुनाव हार के लगभग डेढ़ साल बाद कांग्रेस फिर से अपने अधूरे वादों की गूंज से जूझ रही है। NHM कर्मियों की मांगें अभी भी जस की तस हैं, लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होती जा रही है।

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