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Poster War : BJP का विपक्ष पर पोस्टर वार…बोले- राहुल गांधी और लालू यादव दोनों जमानत पर हैं फिर भी देश को सिखा रहे लोकतंत्र…!

Poster War: BJP's poster war on opposition... Said- Rahul Gandhi and Lalu Yadav both are on bail but still teaching democracy to the country...!

Poster War

रायपुर, 22 अगस्त। Poster War : लोकसभा चुनावों के बाद से शुरू हुई ‘वोट चोरी’ की बहस अब और अधिक तीखी होती जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक पोस्टर जारी कर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है। पोस्टर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को निशाने पर लिया गया है।

पोस्टर में लिखा- जमानत पर घूम रहे हैं और वोट चोरी पर ज्ञान दे रहे हैं 

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस पोस्टर में बीजेपी ने लिखा है, “राहुल गांधी और लालू यादव दोनों घोटाले करके जमानत पर हैं और देश भर को वोट चोरी का ज्ञान देते हुए घूम रहे हैं।” पोस्टर में दोनों नेताओं की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं। बीजेपी का यह पोस्टर न केवल राजनीतिक हमला है बल्कि आगामी उपचुनावों और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर भी एक सीधा सवाल खड़ा करता है।

‘वोट चोरी’ को लेकर विपक्ष के बयानों पर पलटवार

यह पोस्टर उस समय आया है जब राहुल गांधी हाल के दिनों में लगातार चुनावी धांधली और EVM की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, लालू यादव ने भी हाल ही में एक रैली में कहा था कि “वोट हम डालते हैं, जीत कोई और जाता है।” बीजेपी ने इसे जनादेश का अपमान बताया है और कहा है कि जिन नेताओं पर खुद घोटालों के गंभीर आरोप हैं, वे लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

दोनों नेता जमानत पर क्यों?

राहुल गांधी वर्ष 2023 में ‘मोदी सरनेम’ मानहानि मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें लोकसभा सदस्यता गंवानी पड़ी थी, हालांकि बाद में उच्च न्यायालय से राहत मिली और सदस्यता बहाल हुई। मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है। लालू यादव चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में दोष सिद्ध होने के बाद लालू यादव जेल की सजा काट चुके हैं। वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर बाहर हैं।

राजनीतिक रणनीति या जनभावना की जंग

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बीजेपी का यह पोस्टर आगामी राज्यों में होने वाले उपचुनावों और विपक्षी एकजुटता की धार को कुंद करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने के आरोप लगाता रहा है, जबकि बीजेपी इसे ‘झूठ का नैरेटिव’ बताकर खारिज करती रही है।

 ‘वोट चोर’ बहस से और गर्माएगी चुनावी राजनीति

विपक्ष के आरोपों और सत्ता पक्ष के पलटवार के बीच आने वाले दिन राजनीतिक रूप से और अधिक गर्म होने वाले हैं। जहां एक ओर लोकतंत्र की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं की नैतिक वैधता पर बहस छिड़ गई है। देखना होगा कि जनता किस नैरेटिव पर भरोसा जताती है।  
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