Dahi-Handi Festival : गुढ़ियारी में 16वां भव्य दही-हांडी उत्सव…! देशभर से गोविंदा टोलियां करेंगी शिरकत…17 अगस्त को होगा आयोजन…VIDEO

Dahi-Handi Festival : गुढ़ियारी में 16वां भव्य दही-हांडी उत्सव…! देशभर से गोविंदा टोलियां करेंगी शिरकत…17 अगस्त को होगा आयोजन…VIDEO

रायपुर, 14 अगस्त। Dahi-Handi Festival : छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी माने जाने वाली राजधानी रायपुर की पावन धरती गुढ़ियारी एक बार फिर भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के जरिए इतिहास रचने को तैयार है। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 16वां सार्वजनिक दही-हांडी उत्सव 17 अगस्त 2025, रविवार को शाम 4 बजे अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित किया जाएगा।

11 लाख की इनामी राशि

इस आयोजन का संयोजन सार्वजनिक दही-हांडी उत्सव समिति एवं श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में किया जा रहा है। समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस बार उत्सव में कुल 11 लाख रुपये की इनामी राशि रखी गई है।

प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र से भी गोविंदा टोलियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। गोविंदाओं का उत्साह, ह्यूमन पिरामिड की रोमांचक प्रस्तुति और श्रीकृष्ण भक्ति की छटा देखने लायक होगी।

मुख्यमंत्री और कई मंत्री बनेंगे साक्षी

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कई मंत्रीगण और विधायक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह केवल प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का भव्य मंच होगा।

सितारों से सजेगी संगीतमयी शाम

कार्यक्रम में मनोरंजन और भक्ति का संगम भी देखने को मिलेगा। इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज में प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बनाएंगे। वहीं, विश्वविख्यात भजन गायिका गीता बेन रबारी अपनी भक्ति रस से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से आयोजन को कृष्णमय बना देंगी। गीता बेन रबारी न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी अपनी भक्ति संगीत की बदौलत लोकप्रिय हैं।

आयोजकों की अपील

समिति ने रायपुर सहित आसपास के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूरे परिवार सहित इस आयोजन में शामिल हों और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाएं। गुढ़ियारी की यह परंपरा अब केवल रायपुर की नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। दही-हांडी उत्सव न केवल भक्ति का पर्व है, बल्कि युवाओं की ऊर्जा और एकता का भी प्रतीक बन चुका है।

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