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Rationalization : युक्तियुक्तकरण से कोरकोमा मिडिल स्कूल में पढ़ाई हुई नियमित…सुदूर अंचल के बच्चों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

Rationalization: Due to rationalization, studies became regular in Korkoma Middle School...quality education reached the children of remote areas

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रायपुर, 12 अगस्त। Rationalization : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर और श्रीमती पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।

प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि श्रीमती निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।

विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।

यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।

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