रायपुर | छत्तीसगढ़ 5 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित हसदेव अरण्य के जंगल कटई के मामला मं राजनैतिक भूचाल आ गे हवय। राज के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ए मुद्दा ऊपर सरकार अउ भाजपा ला सिधे निशाना बनावत, कड़ी आपत्ति जताय हवंय।
हसदेव अरण्य ला बताइस अमूल्य धरोहर
टीएस सिंहदेव कहिन – “हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के अमूल्य प्राकृतिक संपत्ती आय, जेकरो ला कऊनो कीमत मं नस्ट नइ होय दे सकन।” उहाँ कहिन कि ए जंगल मं ना केवल जैव विविधता हवय, बल्कि ए हजारों आदिवासी मनखेमन के जीयाय के साधन घलो आय।
रामगढ़ पहाड़ – एक सांस्कृतिक धरोहर
सिंहदेव कहिन – “रामगढ़ पहाड़ सिरिफ एक प्राकृतिक ठउर नइ आय, बल्कि ए सरगुजा, छत्तीसगढ़ अउ भारत के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक अउ जनभावना ले जुड़ल एक अनमोल धरोहर आय। एकर संरक्षण जरूरी हवय।”
“एक पेड़ महतारी के नाव, बाकी पेड़ पूंजीपतियन के नाव?”
सरकार के निर्णय ऊपर तंज कसत सिंहदेव कहिन – “भाजपा एक ओर ‘एक पेड़ महतारी के नाव’ कहिके नारा देथें, अउ दूसर ओर हजारों पेड़ काट के उद्योगपतियन के झोली मं जंगल डार देथें। ए जनभावना संग धोखा आय।”
फैसला ला तुरते वापस ले के मांग
सिंहदेव साफ-साफ कहिन – “सरकार ए फैसला ला तुरते वापस ले, नइ त हमन जनता संग मिलके एकर जबरदस्त विरोध करबो। सरकार ला मजबूर कर देबो के उ फैसला बदलय।”
जनता ले गुहार
टीएस सिंहदेव प्रदेश के जनता ले अपील करिन – “अउ भाई-बहिनी हो, हसदेव जंगल ला बचाय बर एकजुट होवव, अपन आने वाली पीढ़ी बर हरियाली के तोहफा छोड़व।”
नतीजा
हसदेव अरण्य सिरिफ जंगल नइ, ए छत्तीसगढ़ के आत्मा आय। ए ऊपर कऊनो आंच नइ आना चाही – अब जनता के आवाज आंदोलन मं बदले जात हवय। सवाल ए आय – का विकास के नाव मं बर्बादी के मंजूरी दी जाही?

