रायपुर, 05 अगस्त। Electricity Bill Half Scheme :छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में राज्य सरकार की ‘हॉफ बिजली बिल योजना’ में किए गए संशोधन पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बदलाव से योजना का लाभ अब केवल बहुत कम उपभोक्ताओं तक सीमित रह गया है, जिससे करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह योजना ‘बंद’ हो गई है।
बिजली बिल ‘हाफ’ योजना पर बघेल का आक्रामक बयान
योजना में अब 400 यूनिट तक की छूट की जगह केवल 100 यूनिट तक ही 50% छूट दी जाएगी। इससे अधिकांश उपभोक्ता जो पहले इससे लाभान्वित थे, अब बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय 400 यूनिट तक खपत पर 200 यूनिट माफ होता था, लेकिन अब केवल 100 यूनिट तक लाभ सीमित हो गया है।
बघेल ने चेतावनी दी कि इस बदलाव से 22 लाख उपभोक्ता एवं 50 लाख परिवार योजना से बाहर हो जाएंगे, विशेषकर सिंगल बत्ती कनेक्शन वाले उपभोक्ता ही इस संशोधित योजना का लाभ उठा पाएंगे। उनका आरोप है कि सरकार ‘सफेद झूठ’ बोल रही है, और इस तरह के निर्णय से आम जनता पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।
बहरहाल, बघेल की चेतावनी के बाद आम उपभोक्ताओं में वैकल्पिक विकल्प एवं नीति की समीक्षा की मांग हो सकती है। रोध और लोक-प्रतिक्रिया के आधार पर सरकार सम्भवत: इस संशोधन को दोबारा विचार सकती है। सोलर पैनल एवं मुफ्त ऊर्जा योजनाओं की पहुँच और प्रभाव को आंकने की जरूरत होगी कि क्या वे बिल में राहत के वास्तविक विकल्प बन सकते हैं।
योजना में संशोधन के वास्तविक पक्ष
सरकार का दावा है कि लगभग 31 लाख घरेलू परिवार (जो 100 यूनिट से कम बिजली खपत करते हैं) अभी भी पहले की तरह योजना का लाभ लेते रहेंगे, जिसमें 15 लाख BPL परिवार भी शामिल हैं। राज्य के कुल 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 70% की खपत 100 यूनिट से कम है, इसलिए ये परिवार सुरक्षित माने जा रहे हैं।इसके साथ ही, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी और बिजली आत्मनिर्भरता के विकल्प दिए गए हैं।

