कोरबा म होइस बइठका, बिलासपुर म FIR: समाज के भीतर प्रशासनिक प्रभाव ल लेके बवाल

बिलासपुर/कोरबा | 4 अगस्त 2025:

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला म तंवर सतगढ़ समाज के भीतर एक बड़का विवाद आगु आइस हे. समाज के ही एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (DSP) के खिलाफ समाज के अध्यक्ष अउ अन्य पदाधिकारी मन ह मोर्चा खोल दिस हे. आरोप हे कि अधिकारी ह अपन पद अउ प्रभाव के दुरुपयोग करत हुवे समाज के सदस्य के खिलाफ झूठा आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाये हे.

का हे आरोप?

समाज के पदाधिकारी मन के आरोप हे कि संबंधित पुलिस अधिकारी, जेन समाज ले ही संबंध रखत हे, निजी रंजिश अउ अहंकारवश अपन शक्ति के गलत इस्तेमाल करिस.
बताये जात हे कि कोरबा म होइस एक सामाजिक बइठका के बाद उपज मतभेद ल लेके अधिकारी ह बिलासपुर म एफआईआर दर्ज कराइस, जेमा समाज के अध्यक्ष सहित कतकोन पदाधिकारी मन ल आरोपी बनाये गीस हे.

सामाजिक बइठका म होइस बड़का निर्णय

ये विवाद म गोठबात बर समाज के एक आपातकालीन बइठका कोरबा जिला म बुलाये गीस, जेमा विभिन्न जिला के प्रतिनिधी मन ह हिस्सा लिस. बइठका म सब्बो पदाधिकारी मन ह सर्वसम्मति ले निर्णय लिस कि:
डीएसपी उपर अनुशासनात्मक कार्रवाई के मांग करे जाये.
मामला राज्य के उच्च पुलिस अधिकारी अउ मुख्यमंत्री तक पहुंचाये जाही.
समाज के भीतर कोनो भी प्रकार के पद अउ प्रभाव के राजनीति ल बर्दाश्त नी करे जाही.

एफआईआर दर्ज, लेकिन सवाल कतकोन

समाज के ये घलो कहिना हे कि जेन एफआईआर ल बिलासपुर म दर्ज करे गीस, ओकर प्रक्रिया अउ वैधानिकता म घलो कतकोन सवाल उठत हे.
का ये मामला सामाजिक प्रकृति के रीहिस या आपराधिक?
का पुलिस अधिकारी ह अपन विभागीय पद के उपयोग करत हुवे निजी हित म केस दर्ज करवाइस?
ये सवाल ल लेके समाज के कतकोन वरिष्ठ सदस्य ह कहिस कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नी होइस, त ओ राज्यव्यापी आंदोलन करे ले घलो पाछु नी हटही.

समाज के मांग

एफआईआर के निष्पक्ष जांच कोनो तटस्थ एजेंसी ले करवाये जाये.
डीएसपी ल ये बेरा प्रशासनिक जिम्मेदारी ले हटाये जाये.
समाज के भीतर पद अउ प्रभाव के दुरुपयोग म नकेल कसे बर कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करे जाये
ये घटना ल लेके राज्य सरकार हस्तक्षेप करे अउ समाज के प्रतिष्ठा के रक्षा करे.

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