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Economic Master Plan : 56 क्लॉज वाला SCR बिल…! मुंबई‑हैदराबाद के बाद छत्तीसगढ़ बनेगा देश का तीसरा SCR राज्य…!

Economic Master Plan: SCR bill with 56 clauses...! After Mumbai-Hyderabad, Chhattisgarh will become the country's third SCR state...!

Economic Master Plan

रायपुर, 29 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने जुलाई 2025 में एक महत्वाकांक्षी दिशा में कदम रखते हुए, छत्तीसगढ़ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने के लिए आदेश पारित किया। भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) मॉडल की तर्ज पर तय इस रणनीतिक योजना का उद्देश्य रायपुर, दुर्ग‑भिलाई और नव रायपुर‑अटल नगर को एक समन्वित शहरी इकाई के रूप में विकसित करना है, जिससे राज्य को आधुनिक, सतत और सुव्यवस्थित विकास की नई राह मिलेगी। विधानसभाओं के मानसून सत्र में इस 56-क्लॉज वाले विधेयक को सदन में पारित कर दिया गया, और इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की राजधानी और आसपास के इलाकों को योजनाबद्ध वृद्धि के लिए एक नया मार्ग मिल गया है।

SCR विधेयक की रूपरेखा

जुलाई 2025 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में 56 क्लॉज वाला स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बिल पारित किया गया, जिसे तैयार करने में लगभग छह-से-सात महीने लगे और इसमें आवास पर्यावरण विभाग, एनआरडीए, सीईओ व सचिवों की टीम ने दिन-रात मेहनत की। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नव रायपुर–अटल नगर को शामिल करते हुए देश में मुम्बई और हैदराबाद के बाद तीसरा राज्य बनेगा जहां ऐसा SCR स्थापित हो रहा है।

शामिल जिलों व ज़िले के हिस्से

विधेयक के अनुसार रायपुर, दुर्ग-भिलाई, और नव रायपुर–अटल नगर को SCR में शामिल किया गया है। आगे राजनांदगांव, महासमुंद (जैसे आरंग) और धमतरी (जैसे कुरूद) के कुछ हिस्सों को शामिल करने की तैयारी है; किन्तु अभी तक तय नहीं हुआ है कि किस जिले का कौन‑सा हिस्सा शामिल होगा।

अधिसूचना व नियमावली

अभी तक SCR की नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई, इसलिए वर्तमान में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। अधिसूचना जारी होने पर SCR की अपनी नियमावली बनेगी; रूल्स लागू होने के बाद उक्त क्षेत्रों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियम काम नहीं करेंगे और SCR रूल्स प्रभावी हो जाएँगे।

प्रशासनिक ढांचा

सरकार ने छत्तीसगढ़ में एक Capital Region Development Authority (CRDA) का गठन किया है, जैसा कि NCR Planning Board, Hyderabad MMRDA या Mumbai MMRDA मॉडल पर होता है। इस प्राधिकरण का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, इसमें आवास‑पर्यावरण, नगर प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, चार विधायक और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होंगे; CRDA का CEO सदस्यों के संयोजक होंगे।

वित्तीय प्रावधान व परियोजनाएँ

2024‑25 बजट में SCR कार्यालय और DPR (Detailed Project Report) बनाने के लिए ₹5 करोड़, और रायपुर–दुर्ग मेट्रो रेल की feasibility study के लिए भी ₹5 करोड़ अलग रखे गए हैं। हाल ही में रायपुर–नवा रायपुर–दुर्ग के बीच मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दी गई, जो SCR के तहत अहम कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित है।

विकास योजना एवं मास्टर प्लान

अधिकारियों के अनुसार SCR के अंतर्गत आने वाले इलाकों में Economic Master Plan तैयार किया जाएगा, जिसमें एजेंसी हायर की जाएगी। इसके बाद Mobility Plan, नई सड़कों, रिंग रोड, इंडस्ट्रियल जोन व एजुकेशन जोन आदि शामिल होंगे। अनुमान है कि 2031 तक इस क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है, जिसे ध्यान में रखकर योजनाओं को बनाया गया है।

सारांश

विषय विवरण
विधेयक 56 क्लॉज, छह‑सात महीने में तैयार ✔
शामिल क्षेत्र रायपुर, दुर्ग‑भिलाई, नव रायपुर; आगे राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी की हिस्सेदारी
अधिसूचना व नियम अभी तक अधिसूचना नहीं; बाद में SCR के नियम लागू होंगे
प्राधिकरण (CRDA) मंत्री, सचिव, विधायक, CEO सहित प्राधिकरण का गठन
बजट एवं मुख्य परियोजनाएँ ₹5 करोड़ DPR, ₹5 करोड़ मेट्रो अध्ययन; परियोजनाएं जैसे मेट्रो रेल
विकास दृष्टि मास्टर प्लान, मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल/एडुकेशन जोन, कनेक्टिविटी

 

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