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Heated Politics : रवि भगत को भाजपा से नोटिस…! समर्थन में उतरे पूर्व CM भूपेश बघेल…अडानी संबंधों पर फिर छिड़ी बहस…यहां देखें Tweet

Heated Politics : Ravi Bhagat gets notice from BJP...! Former CM Bhupesh Baghel comes out in support... Debate on Adani relations begins again... See Tweet here

Heated Politics

रायपुर, 28 जुलाई। Heated Politics : छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। जहां बघेल ने रवि भगत का खुलकर समर्थन किया है, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस और भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भूपेश बघेल का बड़ा बयान

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फेसबुक पोस्ट और ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा: “रवि भगत, जो कि छत्तीसगढ़ भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की धमकी सिर्फ इसलिए दी जा रही है क्योंकि उन्होंने ‘अडानी संचार विभाग’ के एक मंत्री से लगातार DMF और CSR फंड में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल पूछे।” बघेल ने यह भी कहा कि रवि भगत की विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन एक मेहनती आदिवासी युवा को धमकाकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि “कोई भी न अडानी के लोगों से सवाल करेगा, न भ्रष्टाचार से पर्दा हटाएगा।”

भाजपा का पलटवार

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने बघेल पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा: “आपने अपने बेटे की गिरफ्तारी के विरोध में पूरी कांग्रेस को लगा दिया, लेकिन जब बात आदिवासी नेता कवासी लखमा की आती है, जिनके नाम पर आपने करोड़ों बनाए, तो आप चुप रहते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने आदिवासी नेता मोहन मरकाम को DMF फंड पर सवाल उठाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद से हटवा दिया था। साथ ही, जब कोरबा कलेक्टर रानू साहू ने DMF फंड के दुरुपयोग की बात उठाई, तो उन्हें सजा देने की बजाय प्रमोशन दिया गया।

डीएमएफ पर गीत बना विवाद का कारण

दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजयुमो अध्यक्ष रवि भगत ने सोशल मीडिया पर एक गीत पोस्ट किया, जिसमें DMF फंड में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए गए। गीत में अप्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार और संबंधित मंत्री पर कटाक्ष किया गया था। इसके बाद भाजपा ने रवि भगत को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
राजनीतिक समीकरणों में हलचल
भूपेश बघेल का इस तरह खुलकर भगत (BJYM President) का समर्थन करना राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा के अंदरूनी मतभेद सामने आ रहे हैं और कांग्रेस इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में है।
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