No Flying Zone
अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त कदम उठाया है। बता दें कि पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकी हमले के बाद इस साल की यात्रा को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है। इसी क्रम में 1 जुलाई से लेकर 10 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा मार्गों – पहलगाम और बालटाल – को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक इस आदेश के तहत ड्रोन, यूएवी, गुब्बारे और अन्य उड़ने वाले यंत्रों की उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर जारी किया गया है। हालांकि, चिकित्सा आपातकाल, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी उड़ानों को इससे छूट दी गई है। इन अपवाद स्थितियों के लिए अलग से SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी की जाएगी।
No Flying Zone
सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम:
- हर रूट पर हजारों CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
- चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) भी तैनात की गई है, जो संदिग्ध लोगों की तुरंत पहचान कर सुरक्षाबलों को अलर्ट करती है।
- 2 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के बाद यह सभी निर्णय लिए गए हैं।

यात्रा की तारीखें:
- शुरुआत: 3 जुलाई 2025
- समाप्ति: 10 अगस्त 2025
No Flying Zone
क्या है FRS (Face Recognition System)?
बता दें कि FRS कैमरों से चेहरे की पहचान करता है और उसे ब्लैकलिस्टेड संदिग्धों के डेटाबेस से मिलाता है। किसी खतरे की पुष्टि होते ही हूटर अलर्ट सिस्टम सक्रिय हो जाता है और सुरक्षा बल तत्काल हरकत में आते हैं।
गौरतलब है कि हर साल लाखों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। जिसके तहत इस बार सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। ‘नो फ्लाइंग जोन’ का फैसला, FRS की तैनाती और CCTV निगरानी से यह संदेश स्पष्ट है कि इस बार सुरक्षा में कोई चूक नहीं होगी।
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