Ukraine Russia Airbase Attack
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में बड़ा मोड़ देखने को मिला है। यूक्रेन ने रविवार को रूस के पांच प्रमुख सैन्य एयरबेस पर एक साथ ड्रोन हमला कर दिया। रूस ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजान और अमूर क्षेत्रों में स्थित एयरबेस को निशाना बनाया गया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला FPV (फर्स्ट पर्सन व्यू) ड्रोन्स की मदद से किया गया, जिनमें से कुछ को एयरबेस के बेहद पास से ट्रेलर ट्रकों द्वारा लॉन्च किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि इवानोवो, रियाजान और अमूर में हमले नाकाम कर दिए गए, लेकिन मुरमंस्क के ओलेनोगोर्स्क और इरकुत्स्क के स्रेद्नी एयरबेस पर कई विमान जलकर नष्ट हो गए।
Ukraine Russia Airbase Attack
यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि उन्होंने इस ऑपरेशन में 117 ड्रोन का इस्तेमाल किया और रूस के कम से कम 41 लड़ाकू विमानों को तबाह कर दिया। इनमें रूस के स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स Tu-95, Tu-22 और दुर्लभ A-50 जासूसी विमान शामिल हैं। A-50 की कीमत लगभग 3000 करोड़ रुपये बताई जाती है और रूस के पास ऐसे केवल 10 विमान हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को “ऐतिहासिक ऑपरेशन” बताया और कहा कि यह हमला सिर्फ उन सैन्य ठिकानों पर किया गया जिनका इस्तेमाल यूक्रेन पर हमलों में होता रहा है।
प्रमुख टारगेट एयरबेस और दूरी:
- बेलाया एयरबेस (इरकुत्स्क) – 4300 किमी दूर
- ओलेन्या एयरबेस (मुरमांस्क) – 3674 किमी दूर
- डायगिलेवो एयरबेस (रियाजान) – 2161 किमी दूर
- इवानोवो एयरबेस – 2000 किमी दूर
- अमूर एयरबेस – 6000 किमी दूर
Ukraine Russia Airbase Attack
रूस की प्रतिक्रिया:
रूस ने इन हमलों को “आतंकी हमला” करार दिया है और कहा कि इनका मकसद उनकी सामरिक क्षमताओं को नुकसान पहुंचाना था। रूस ने नुकसान की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक कितने विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसका सटीक आंकड़ा नहीं दिया है।
वार्ता से पहले तनाव चरम पर:
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सोमवार को इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन के बीच संभावित शांति वार्ता होनी है। हमले के बाद सीमा पर झड़पों और सैन्य हलचल में तेजी देखी गई है।
नुकसान का अनुमान:
- शुरुआती आकलन के अनुसार, हमले में रूस को लगभग 2 अरब डॉलर (17 हजार करोड़ रुपये से अधिक) का नुकसान हुआ है।
- यह घटना इस युद्ध में यूक्रेन की एक बड़ी सैन्य सफलता मानी जा रही है और इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।

