India vs Pakistan
पाकिस्तान एक बार फिर सीमा पर अशांति फैलाने की कोशिश में जुट गया है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात उसने जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में LoC पर कई भारतीय पोस्टों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। हल्के हथियारों से शुरू हुई इस गोलाबारी का भारतीय सेना ने भी तुरंत और तीव्र जवाब दिया।
सेना सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से करीब 600 राउंड फायरिंग की गई, जबकि भारत ने जवाब में 1300 राउंड से ज्यादा गोलियां चलाईं। इस दौरान राइफल, कार्बाइन, एलएमजी और रॉकेट लॉन्चर जैसे हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि, इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सीमा पर तनाव साफ महसूस किया जा सकता है।
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इसी बीच घाटी में आतंकियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई और भी तेज हो चुकी है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबलों ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को चार आतंकियों के घरों को धमाकों से उड़ा दिया गया। त्राल में आतंकी आसिफ शेख, अनंतनाग में आदिल ठोकेर, पुलवामा के मुर्रान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अहसान उल हक और पुलवामा के काचीपोरा में लश्कर के आतंकी हारिस अहमद के घरों को विस्फोटकों से ध्वस्त किया गया। इन कार्रवाइयों के जरिए सुरक्षा बलों ने घाटी के युवाओं को यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि आतंक का रास्ता चुनने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
इन घटनाओं के बाद LoC पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना ने सीमा पर सभी यूनिट्स को उनकी जिम्मेदारी और भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलर्ट पर रखा है। क्विक रिएक्शन टीमों की तैयारी चाक-चौबंद कर दी गई है और 7 से 15 दिन तक का राशन व गोला-बारूद का स्टॉक सुनिश्चित कर दिया गया है। छुट्टियां भी जरूरत पड़ने पर तत्काल रद्द की जा सकती हैं। सीमाई इलाकों में रातभर निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी यूनिट्स संभावित खतरों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
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दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर सिंधु जल संधि को लेकर अहम बैठक हुई, जिसमें जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि अब भारत सिंधु जल पर अपना नियंत्रण और मजबूत करेगा ताकि पाकिस्तान को एक बूंद भी पानी मुफ्त न मिले। नदियों की गाद हटाकर जल प्रवाह को भारत में बनाए रखने की योजना पर तुरंत काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी खुद कश्मीर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनके साथ वो वरिष्ठ अधिकारी भी नजर आए, जिनका नाम नॉर्दन आर्मी कमांड की अगली कमान के लिए सामने आ रहा है। मौजूदा कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं, और उनकी जगह लेने वाला अफसर अगली सैन्य रणनीतियों और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा नीति का प्रमुख चेहरा होगा।
घाटी में हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन भारतीय सेना और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चे पर डटे हैं। अब भारत न सिर्फ जवाब दे रहा है, बल्कि आगे बढ़कर उस सोच पर भी प्रहार कर रहा है जो आतंक और छल की बुनियाद पर खड़ी है।

