Pm Modi Inaugurate Pamban Rail Bridge
रामेश्वरम। रामनवमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एशिया के पहले ऑटोमेटेड वर्टिकल लिफ्ट स्पैन रेलवे ब्रिज — नए पम्बन ब्रिज का भव्य उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक पुल रामेश्वरम को मुख्य भूमि तमिलनाडु के मंडपम से जोड़ता है और आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग शक्ति का प्रतीक बन चुका है।
क्या है ब्रिज की खासियत?
- 2.08 किमी लंबा यह ब्रिज पूरी तरह डबल ट्रैक और इलेक्ट्रिफाइड है।
- 22 मीटर तक उठने वाला सेंटर स्पैन, जो सिर्फ 5 मिनट में ऊपर हो जाता है — और वो भी सिर्फ एक ऑपरेटर की मदद से।
- इस वर्टिकल लिफ्ट सिस्टम की वजह से बड़े समुद्री जहाज़ भी आसानी से गुजर सकेंगे।
- पॉलीसिलोक्सेन कोटिंग के जरिए पुल को समुद्री जंग से बचाया गया है, जिससे इसका जीवनकाल 58 साल तक बढ़ सकता है।
Pm Modi Inaugurate Pamban Rail Bridge
तकनीकी क्रांति का उदाहरण
यह पुल इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम से लैस है, जो आधुनिकता और दक्षता का बेजोड़ मेल दिखाता है। इसके काउंटर-वेट बैलेंसिंग सिस्टम से इसकी लिफ्टिंग स्मूद और सुरक्षित होती है।
इतिहास से भविष्य तक का सफर
- पुराना पम्बन ब्रिज 1914 में बना था और 108 वर्षों तक सेवा में रहा।
- 2022 में जंग लगने की वजह से इसे बंद कर दिया गया था।
- नए पुल की नींव पीएम मोदी ने नवंबर 2019 में रखी थी, और आज उन्होंने इसका उद्घाटन करके इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
CRS रिपोर्ट में आईं आपत्तियाँ
हालांकि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की रिपोर्ट में कुछ तकनीकी आपत्तियाँ सामने आई थीं — जैसे कि RDSO मानकों का न होना — लेकिन जांच समिति की समीक्षा के बाद कुछ शर्तों के साथ संचालन की मंजूरी मिल गई। पुल को 100 साल तक सुरक्षित बताया गया है।
Pm Modi Inaugurate Pamban Rail Bridge
आस्था और आर्किटेक्चर का संगम
रामेश्वरम न सिर्फ इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है। रामायण के अनुसार, रामसेतु का निर्माण यहीं से शुरू हुआ था। यही कारण है कि रामनवमी के दिन इसका उद्घाटन किया गया।
प्रधानमंत्री का संबोधन
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा को संबोधित किया और राज्य के लिए ₹8300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की घोषणा की।
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