Manoj Kumar Death
मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार, जिन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से जाना जाता था, का शुक्रवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई। इसके साथ ही, वे पिछले कुछ महीनों से डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से भी जूझ रहे थे, जिससे उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी।
देशभक्ति फिल्मों के प्रतीक
मनोज कुमार अपने करियर में देशभक्ति से भरी फिल्मों के लिए मशहूर थे। ‘मेरे देश की धरती सोना उगले’ और ‘भारत की बात सुनाता हूं’ जैसे गाने आज भी देशवासियों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी प्रसिद्ध फिल्मों में ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘क्रांति’, ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ जैसी यादगार फिल्में शामिल हैं।
Manoj Kumar Death
लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई थी ‘उपकार’
बताया जाता है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार से ‘जय जवान, जय किसान’ नारे पर फिल्म बनाने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने 1967 में ‘उपकार’ बनाई, जो सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने किसान और सैनिक दोनों की भूमिका निभाई थी।
सम्मान और पुरस्कार
मनोज कुमार को 1992 में ‘पद्म श्री’ और 2015 में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।
Manoj Kumar Death
बॉलीवुड और प्रशंसकों में शोक
उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। फिल्म निर्माता अशोक पंडित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा, “मनोज कुमार जी भारतीय सिनेमा के एक प्रतीक थे। उनकी फिल्मों ने राष्ट्रीय गर्व की भावना को जागृत किया और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।” मनोज कुमार की यादें और उनका योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा जीवित रहेगा।

