Ayodhya Ram Mandir
अयोध्या की पावन भूमि पर रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है और अब यह कार्य अपनी अंतिम भव्यता की ओर बढ़ चला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामनवमी से पहले मंदिर की नई तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, जिनमें मंदिर की दिव्यता, अद्भुत शिल्पकला और आस्था का जीवंत रूप दिखाई देता है।

READ MORE – Israel Airstrikes on Gaza : गाजा पर इजरायली कहर, 232 की मौत, सीजफायर के बाद सबसे बड़ा हमला, आम लोग निशाने पर
इन तस्वीरों ने श्रद्धालुओं के हृदयों को भावविभोर कर दिया है। पहली बार राम मंदिर के फर्स्ट फ्लोर की भव्यता और राम दरबार के लिए तैयार संगमरमर के सिंहासन की तस्वीर सामने आई है।
राम मंदिर के पहले तल पर राम दरबार की स्थापना के लिए सफेद संगमरमर से निर्मित सिंहासन पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। यह सिंहासन अपनी नक्काशी और दिव्य रूप से श्रद्धालुओं को सहज ही प्रभु श्रीराम की महिमा का अनुभव कराता है। मंदिर के गर्भगृह में भी अत्यंत सूक्ष्म और भव्य नक्काशी की गई है,

Ayodhya Ram Mandir
जो शिल्पकारों के अद्वितीय कौशल का प्रमाण है। गर्भगृह के सामने एक मंडपम निर्मित किया गया है, जिसके स्तंभों में राजस्थान के जयपुर से लाए गए गुलाबी बलुआ पत्थर की सुंदर नक्काशी है। मंदिर की प्रत्येक ईंट और शिला श्रद्धा से गूंथी गई प्रतीत होती है।
राम दरबार में स्थापित होने वाली सभी मूर्तियां वर्तमान में जयपुर में निर्मित हो रही हैं और इन्हें 30 अप्रैल, अक्षय तृतीया से पहले अयोध्या लाया जाएगा। इस शुभ तिथि को राम दरबार में मूर्तियों की स्थापना की जाएगी, जबकि प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 5 जून, गंगा दशहरा प्रस्तावित की गई है। हालांकि इस पर ट्रस्ट की अंतिम मुहर लगना अभी शेष है।
राम मंदिर परिसर में सिर्फ मुख्य मंदिर ही नहीं, बल्कि आस्था और सनातन परंपरा के प्रतीकों को समर्पित 14 अन्य मंदिरों का भी निर्माण हो रहा है। परकोटे में भगवान सूर्य, गणेश, हनुमान, शिव, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा के मंदिर बन रहे हैं।
Ayodhya Ram Mandir
इसके अतिरिक्त सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य, वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। यह पूरा परिसर भक्तों को एक साथ सनातन संस्कृति के महान ऋषियों और देवी-देवताओं के दर्शन का सौभाग्य देगा।
ट्रस्ट ने सोमवार की शाम को ज्योतिषाचार्यों के साथ एक बैठक कर मूर्तियों की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की तिथियों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और निर्माण प्रभारी गोपाल राव उपस्थित रहे। सभी ने सहमति व्यक्त की कि अक्षय तृतीया और गंगा दशहरा दोनों अत्यंत शुभ तिथियां हैं।
इस बीच, रामनवमी (6 अप्रैल) पर भी अयोध्या में एक विशेष आयोजन की योजना तैयार की गई है। चंपत राय ने बताया कि सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक रामलला का अभिषेक होगा, इसके बाद 10:30 से 11:40 तक पट बंद रहेंगे। 11:45 बजे तक श्रृंगार का समय होगा, जब पट पुनः खोले जाएंगे।
Ayodhya Ram Mandir
दोपहर 12 बजे रामलला के जन्मोत्सव के समय भव्य आरती और सूर्य तिलक का आयोजन किया जाएगा। उस क्षण सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ेंगी, जैसे सूर्यदेव स्वयं भगवान राम का तिलक कर रहे हों।
इस सम्पूर्ण आयोजन का लाइव प्रसारण भी होगा, जिससे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु अपने घरों में बैठकर रामलला के जन्मोत्सव के साक्षी बन सकेंगे।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों की रचना नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था, विश्वास और वर्षों की प्रतीक्षा का परिणाम है। जैसे-जैसे रामनवमी और प्राण प्रतिष्ठा की तिथि निकट आ रही है, पूरे देश में राम भक्ति की लहर एक नई ऊर्जा के साथ उमड़ रही है।
READ MORE – PM Modi Parliament Speech : महाकुंभ से निकला ‘एकता का अमृत’, पीएम मोदी बोले – देश की चेतना का अद्भुत दर्शन

