Tariff War : अमेरिका के टैरिफ फैसले से भड़का वैश्विक व्यापारिक विवाद, कनाडा और ईयू का जवाबी हमला

Tariff War : अमेरिका के टैरिफ फैसले से भड़का वैश्विक व्यापारिक विवाद, कनाडा और ईयू का जवाबी हमला

Tariff War

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वैश्विक व्यापार जगत में भूचाल ला दिया। ट्रंप प्रशासन ने भारत समेत सभी देशों से आयात होने वाले स्टील और एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। उनके इस फैसले से न केवल व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ गया, बल्कि अमेरिका के पुराने सहयोगी भी इसके खिलाफ खड़े हो गए हैं।

ट्रंप के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा और यूरोपीय संघ (ईयू) ने जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा की। वहीं, ब्रिटेन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है। भारत सरकार ने इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इस फैसले का असर भारतीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

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क्या है अमेरिका का तर्क?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा है। उनका कहना है कि विदेशी स्टील और एल्युमीनियम पर अधिक निर्भरता से अमेरिका की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इसलिए घरेलू उत्पादकों को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ लगाया गया है।

इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस कदम से अमेरिकी उद्योगों को मजबूती मिलेगी, घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।

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कौन-कौन हुआ नाराज?

1. कनाडा की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक कनाडा ने इस फैसले को अनुचित बताते हुए अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। कनाडा सरकार ने कहा है कि वह जल्द ही उन अमेरिकी उत्पादों की सूची जारी करेगी, जिन पर नए टैरिफ लगाए जाएंगे।

2. यूरोपीय संघ का जवाबी हमला
यूरोपीय संघ ने भी ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई करने की घोषणा की है। ईयू ने कहा है कि अमेरिका के इस कदम से व्यापारिक संबंधों में गंभीर तनाव आ सकता है।

3. ब्रिटेन ने अपनाया कड़ा रुख
ब्रिटेन ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संभावित विकल्प खुले रखेगा और इस फैसले के खिलाफ कूटनीतिक कदम उठाने पर विचार करेगा।

भारत की स्थिति क्या है?
फिलहाल भारत सरकार ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस फैसले का असर भारतीय स्टील और एल्युमीनियम उद्योग पर पड़ सकता है। भारत, अमेरिका को स्टील और एल्युमीनियम का एक महत्वपूर्ण निर्यातक है, और इस टैरिफ के कारण भारतीय कंपनियों को नुकसान हो सकता है।

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क्या होगा इसका असर?

  • वैश्विक व्यापार युद्ध की शुरुआत हो सकती है।
  • अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है।
  • भारत समेत कई देशों के स्टील और एल्युमीनियम उद्योग प्रभावित हो सकते हैं।
  • उपभोक्ताओं को महंगे उत्पाद खरीदने पड़ सकते हैं क्योंकि टैरिफ के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं।

अमेरिका के इस फैसले से पूरी दुनिया में असंतोष बढ़ रहा है। यदि कनाडा, यूरोपीय संघ और अन्य देश भी जवाबी टैरिफ लगाते हैं, तो यह एक बड़े व्यापार युद्ध का रूप ले सकता है। अब सभी की नजर इस पर रहेगी कि भारत और अन्य देश इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या कोई कूटनीतिक हल निकल सकता है या नहीं।

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