Pan masala ad Controversy : “केसर का दम” या गुमराह करने का भ्रम? – जयपुर कोर्ट ने शाहरुख, अजय, टाइगर और विमल अग्रवाल को भेजा नोटिस

Pan masala ad Controversy : “केसर का दम” या गुमराह करने का भ्रम? – जयपुर कोर्ट ने शाहरुख, अजय, टाइगर और विमल अग्रवाल को भेजा नोटिस

Pan masala ad Controversy

जयपुर की उपभोक्ता अदालत में उस दिन हलचल मच गई जब बॉलीवुड के बड़े सितारे शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के नाम पर नोटिस जारी हुआ। इसके साथ ही, विमल पान मसाला बनाने वाली कंपनी के चेयरमैन विमल कुमार अग्रवाल को भी कोर्ट में हाज़िर होने का फरमान सुनाया गया। कारण? “केसर का दम” वाला विज्ञापन, जो टीवी और सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रहा था, लेकिन असल में यह दावा ही गलत निकला।

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खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक जयपुर के एक वकील योगेंद्र सिंह बडियाल जब बाजार में गए तो उन्होंने विमल पान मसाला के छोटे-छोटे पाउच देखे, जिनकी कीमत सिर्फ ₹5 थी। पैकेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था—“केसर का दम”। इस लाइन ने उनके दिमाग में एक सवाल खड़ा कर दिया—क्या वाकई इतने सस्ते दाम में असली केसर मिल सकता है?

शिकायत दर्ज करने से पहले योगेंद्र सिंह ने थोड़ी रिसर्च की। तो उन्हें पता चला कि केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो होती है। यानी अगर कोई कंपनी असली केसर डाल रही होती, तो इतने कम दाम में यह बेचना असंभव है। फिर इसका मतलब तो यह हुआ कि विज्ञापन में गलत जानकारी देकर लोगों को गुमराह किया जा रहा था।

शिकायत दर्ज होते ही हलचल मच गई

योगेंद्र सिंह बडियाल ने तुरंत उपभोक्ता आयोग में एक शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि विमल पान मसाला का विज्ञापन लोगों को धोखा दे रहा है। और सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि इसके प्रचार में शामिल बॉलीवुड सितारे भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।

जैसे ही यह शिकायत दर्ज हुई, जयपुर उपभोक्ता आयोग ने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लिया और चारों आरोपियों शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और विमल कुमार अग्रवाल को 19 मार्च 2025 को कोर्ट में हाज़िर होने के लिए नोटिस जारी कर दिया

बॉलीवुड सितारे कटघरे में

वहीं इस खबर के आते ही बवाल मच गया। सवाल सिर्फ एक कंपनी के गलत विज्ञापन का नहीं था, बल्कि उन बड़े फिल्मी सितारों का भी था, जो इन प्रोडक्ट्स को प्रमोट करते हैं। शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे सुपरस्टार्स का इस विज्ञापन में आना इसका बड़ा कारण बना कि लोग इस पर यकीन करें।

इन सितारों की छवि इतनी प्रभावशाली है कि अगर वे किसी चीज़ का समर्थन करें, तो आम जनता उसे सच मानने लगती है। लेकिन सवाल ये भी है कि क्या ये सितारे यह जानते थे कि वे एक भ्रामक विज्ञापन का हिस्सा बन रहे हैं?

पहले भी उठे हैं सवाल

बता दें कि यह पहली बार नहीं था जब विमल पान मसाला के प्रचार को लेकर विवाद हुआ हो। गौरतलब है कि 2022 में जब अजय देवगन और शाहरुख़ ख़ान साथ में विमल के एड में नजर आए, तो सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हुई थी। तो वहीं 2023 में अक्षय कुमार भी इस विज्ञापन का हिस्सा बने, लेकिन जब लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू किया, तो उन्होंने माफी मांग ली और ब्रांड से दूरी बना ली।

भारत सरकार भी तंबाकू और गुटखा कंपनियों पर सख्त हो रही है। 2024 में कुछ नए नियम लाए गए, जिनके तहत भ्रामक विज्ञापन देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। जिसके बाद अब सभी की नजरें 19 मार्च 2025 पर टिकी हैं, जब इन सितारों और कंपनी के चेयरमैन को जयपुर उपभोक्ता अदालत में पेश होना होगा। अगर कोर्ट यह साबित कर देती है कि विज्ञापन में झूठी जानकारी दी गई है, तो न सिर्फ कंपनी पर जुर्माना लग सकता है, बल्कि इन सितारों पर भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

अब देखना यह होगा कि
  • क्या शाहरुख़, अजय और टाइगर कोर्ट में सफाई देने आएंगे?
  • क्या वे यह दावा करेंगे कि उन्हें इस विज्ञापन की सच्चाई का पता नहीं था?
  • या फिर यह मामला भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ एक मिसाल बन जाएगा?
“यह केस सिर्फ एक ब्रांड तक सीमित नहीं है। यह सवाल उठाता है कि क्या सेलेब्रिटी को किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करने से पहले उसकी सच्चाई नहीं जाननी चाहिए? और क्या कंपनियां लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए झूठे दावे करना बंद करेंगी?”

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