Global Investors Summit 2025
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भारत की आर्थिक संभावनाओं और वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि पर जोर दिया। बता दें कि यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत से बड़ी उम्मीदें हैं, और हाल के वैश्विक आर्थिक विश्लेषणों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि भारत आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा।
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प्रधानमंत्री के इस बयान को विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की रिपोर्टों का समर्थन भी मिला है, जिनमें भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की गई है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत में निवेश करने से न केवल उन्हें बेहतर रिटर्न मिलेगा, बल्कि वे दुनिया की सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था का भी हिस्सा बन सकेंगे।
Global Investors Summit 2025
इस तरह के आयोजनों से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और देश की औद्योगिक व बुनियादी ढांचा विकास की गति तेज होगी।
मध्यप्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक कॉरिडोर और जल संरक्षण की योजनाएं, जैसे केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट, राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। इससे कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी।
यह समिट निवेशकों को मध्यप्रदेश में नए अवसरों की ओर आकर्षित करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान कर सकती है। इसका दीर्घकालिक प्रभाव राज्य की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।
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GIS 2025 में पीएम मोदी के वक्तव्य की कुछ प्रमुख बातें :-
- कुछ ही दिन पहले क्लाइमेट चेंज पर UN की एक संस्था ने “भारत को सोलर पावर की सुपरपॉवर कहा था।” इस संस्था ने ये भी कहा “जहां कई देश सिर्फ बातें करते हैं, वहीं भारत नतीजे लाकर दिखाता है।
- जिस एमपी में कभी खराब सड़कों के कारण बसें तक नहीं चल पाती थीं वो आज देश की ईवी क्रांति के लीडिंग स्टेट में से एक है।
- जनवरी 2025 तक करीब 2 लाख ईवी एमपी में रजिस्टर्ड हुए। ये करीब 90 फीसदी ग्रोथ ये दिखाता है कि एमपी आज मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।
- बीते 2 दशक में मध्य प्रदेश के लोगों के सपोर्ट से यहां की भाजपा सरकार ने गवर्नेंस पर फोकस किया। दो दशक पहले तक लोग MP में निवेश करने से डरते थे. आज MP निवेश के लिए देश के टॉप राज्यों में शामिल हो गया है।
- बीते दशक में भारत ने आधारभूत विकास में उछाल का दौर देखा है। इसका बहुत बड़ा फायदा मध्य प्रदेश को मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जो देश के 2 बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा MP से ही होकर गुजर रहा है। यानी एक तरफ MP को मुंबई के ports के लिए तेज कनेक्टिविटी मिल रही है और दूसरी तरफ
North India के बाजार को भी ये कनेक्ट कर रहा है। - भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है जब पूरी दुनिया भारत के लिए अच्छी संभावनाओ से देख रही है. सभी को भारत से बहुत आशाएं हैं। पिछले कुछ हफ्तों में जो विचार आएं है वो भारत में हर निवेशक के लिए उत्साहवर्धक हैं। यूएन की एक संस्था ने भारत को “सोलर पॉवर की सुपरपॉवर कहा है।”
- एमपी को बड़ा फायदा मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस का बड़ा हिस्सा एमपी से होकर गुजरता है। एमपी मुंबई से जुड़ रहा है। पांच हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क बन चुका है। लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के कारण एमपी आगे बढ़ रहा है।
- एमपी में रेल नेटवर्क का 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। हवाई नेटवर्क भी यहां सुधारा गया है। यहां की कमलापति स्टेशन को भी मार्डन बनाया गया है।
भारत का आत्मविश्वास बढ़ रहा है तो राज्यों का भी आत्मविश्वास बढ़ रहा है। जनसंख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश भारत का पांचवां बढ़ा राज्य है। - भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर के बूम का दौर देखा है। इसका बहुत बड़ा फायदा एमपी को मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे दो बड़े शहरों को जोड़ता है। उसका बड़ा हिस्सा एमपी से गुजरता है। आज एमपी में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का रोड नेटवर्क है। एमपी में लॉजिस्टिक से जुड़े सेक्टर की ग्रोथ तय है।

