Panchayat Election 2025
रायपुर। जैसे ही छत्तीसगढ़ में निकाय चुनाव का प्रचार थमा, पूरे प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की हलचल तेज हो गई। गांव-गांव में लोकतंत्र का उत्सव सा माहौल बन गया है। यह चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि यह ग्रामीण जनता को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
इस बार के पंचायत चुनाव तीन चरणों में संपन्न होंगे, जिनके तहत 433 जिला पंचायत सदस्य, 2973 जनपद सदस्य और 11,671 सरपंच पदों के लिए मतदान होगा। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात है 1,60,161 पंच पदों के लिए 2,92,000 से ज्यादा उम्मीदवारों का चुनावी मैदान में उतरना। यह आंकड़े बताते हैं कि किस तरह से लोग अपने क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
Panchayat Election 2025
चुनाव चिन्हों की अनोखी दुनिया
ग्रामीण परिवेश के अनुकूल बनाए गए चुनाव चिन्ह इस प्रक्रिया को और भी दिलचस्प बना देते हैं। प्रत्याशियों को दो पत्ती, छाता, गाड़ी, हल जैसे चिन्ह आवंटित किए गए हैं। ये प्रतीक न केवल ग्रामीण जनता के लिए आसानी से पहचानने योग्य होते हैं बल्कि इनमें एक भावनात्मक जुड़ाव भी होता है। कई चिन्ह ऐसे भी हैं जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं—कुछ आकर्षक, तो कुछ चौकाने वाले।
चुनाव की तिथियां और प्रक्रिया
मतदान 17, 20 और 23 फरवरी को तीन चरणों में होगा, जबकि मतगणना 18, 21 और 24 फरवरी को की जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते। हालांकि जिला पंचायतों के लिए राजनीतिक दल अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा करते हैं, लेकिन चुनाव चिन्ह का निर्धारण पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत किया जाता है।
Panchayat Election 2025
लोकतंत्र का असली चेहरा
ये पंचायत चुनाव हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र सिर्फ बड़े-बड़े भाषणों और प्रचार अभियानों तक सीमित नहीं है। यह तो गांव की मिट्टी, खेत-खलिहान और चौपालों तक फैला है, जहां एक किसान, एक गृहिणी या एक नौजवान भी अपने भविष्य के निर्माण में भागीदार बनता है।
छत्तीसगढ़ के इन पंचायत चुनावों में न केवल प्रत्याशियों के सपने नजर आते हैं बल्कि हर वोटर की उम्मीदें भी झलकती हैं—अपने गांव, अपने क्षेत्र और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीदें। यही है लोकतंत्र की असली खूबसूरती।

