PM MODI AMERICA VISIT
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण के बाद वैश्विक राजनीति में बड़े बदलावों के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप की बहुप्रतीक्षित मुलाकात की तैयारी ज़ोरों पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेता 13 फरवरी, 2025 को वाशिंगटन डीसी में आमने-सामने होंगे। पीएम मोदी अपने फ्रांस दौरे के बाद 12 फरवरी की शाम को अमेरिकी राजधानी पहुंचेंगे और 14 फरवरी तक वहीं रुकेंगे।
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप पीएम मोदी के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन भी कर सकते हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी अमेरिकी कॉरपोरेट जगत के प्रमुख नेताओं और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप और मोदी के बीच यह पहली बड़ी औपचारिक मुलाकात होगी। इससे पहले ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि भारत के साथ व्यापारिक संतुलन को सुधारने और अमेरिका में बने रक्षा उपकरणों की खरीद को बढ़ावा देने के मुद्दे उनकी प्राथमिकता में रहेंगे।
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व्यापार और रक्षा साझेदारी पर केंद्रित होगी चर्चा
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक असंतुलन को कम करने के प्रयासों के तहत दोनों नेता निष्पक्ष व्यापार नीतियों पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन पहले ही इस दिशा में आक्रामक रुख अपनाने की बात कर चुका है, जिसमें अमेरिकी वाणिज्यिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अलावा रक्षा सहयोग को और गहराने पर भी चर्चा होगी। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि भारत अमेरिका में बने और अधिक रक्षा उपकरण खरीदे ताकि रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिले।
अवैध अप्रवासन और सुरक्षा पर भी चर्चा संभव
इस अहम बैठक में अवैध अप्रवासन के मुद्दे पर भी बातचीत होने की संभावना है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उन्होंने इस विषय पर पीएम मोदी से चर्चा की है। भारत पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि जिन भारतीय नागरिकों की पहचान अवैध अप्रवासी के रूप में होगी, उन्हें वापस लेने के लिए तैयार है।
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रणनीतिक साझेदारी के नए आयामों की उम्मीद
यह यात्रा न केवल राजनीतिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीकी सहयोग और वैश्विक कूटनीतिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी। इस मुलाकात के नतीजों पर दुनिया भर की नजरें टिकी होंगी, क्योंकि भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्ते वैश्विक शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

