CHHATTISGARH ASSEMBLY SESSION: दंतेवाड़ा में मड़कामीरास से हिरोली हेल्थ सेन्टर तक सड़क घोटाला, 5 अधिकारी सस्पेंड

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रायपुर: विधानसभा सत्र के दौरान कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने दंतेवाड़ा की एक सड़क लेकर हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा सवाल पूछा. चंद्राकर ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना मड़कामीरास से हिरोली हेल्थ सेन्टर और हिरोली हेल्थ सेन्टर से हिरोली कैम्प डोकापारा तक सड़क की कुल लागत क्या थी। इसके निर्मार्ण पर कितना खर्च आया और कितना भुगतान हुआ।

सदन में इसका जवाब गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया। उन्होंने कहा कि पीटी सड़क निर्माण मड़कामीरास से हिरोली हेल्थ सेन्टर तक साढ़े 3 किलोमीटर और हिरोली कैंप से टेकापार तक साढ़े 3 किमी तक सड़क बनाई है। 2 करोड़ 18 लाख की पहली सड़क और 2 करोड़ 18 लाख 71 हजार की दूसरी सड़क बनाई गई। काम पूरा हो चुका है। इनका भुगतान पहले कार्य में 1 करोड़ 81 लाख 94 हजार और दूसरे काम में 1 करोड़ 73 लाख 88 हजार का भुगतान किया गया।

ऐसे चले सवाल जवाब
चंद्राकर ने फिर सवाल किया कि कार्य कितना हुआ। कितने काम के लिए कितने रुपए अदा किए गए। भुगतान ज्यादा हुआ या कम हुआ। इसपर गृहमंत्री ने जवाब दिया कि जो एसटीमेशन था उससे कम का है लेकिन ये मूल लागत के 10 प्रतिशत ज्यादा का टेंडर था। इस पर चंद्राकर ने कहा कि टेंडर के बारे में सवाल नहीं पूछा। मेरा सवाल है कि काम कितने का है और भुगतान कितना हुआ। शर्मा ने कहा कि कुल भुगतान कम हुआ है. आगे चंद्राकर ने सवाल किया कि इस सड़क में क्या क्या गलती हुई। क्या शिकायत मिली, किसने जांच की, क्या कार्रवाई हुई।

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सदन में सड़क पर हंगामा: विजय शर्मा ने जवाब दिया कि इस सड़क का निर्माण जिला निर्माण समिति की तरफ से बनाया गया। इसका विभाग से कोई लेनदेन नहीं था। जिला निर्माण समिति अपने हिसाब से जिला स्तर पर विभाग का चयन कर लेती है। जिला निर्माण समिति ने पीएमजेएसवाई का चयन किया। इसमें शिकायत मिली जिसके बाद जांच की गई। जांच में एसडीएम औऱ पांच लोगों की टीम बनाई गई।जिसके बाद निर्णय लिया गया कि ठेकेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा इससे जुड़े जो अधिकारी थे उन पर भी जांच होनी ।

सड़क भ्रष्टाचार में 5 अफसर सस्पेंड
अजय चंद्राकर ने फिर सवाल दागा तो गृहमंत्री ने जवाब दोहराया। जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हुआ कि 2 करोड़ 1 लाख रुपये ठेकेदार से वसूली के लिए 3 जून 2024 को कहा गया। चंद्राकर ने बीच में टोका औऱ कहा कि भुगतान जब ज्यादा नहीं हुआ तो जांच समिति किस बात का पैसा वसूल रही है। चंद्राकर ने गृहमंत्री पर भ्रष्टाचार को छिपाने का आरोप लगाया। इसके बाद काफी देर तक सदन में हंगामा हुआ।

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किन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई
शर्मा ने कहा कि तत्कालीन समय में एक्ज्यूकिटिव इंजीनियर अनिल राठौर थे जो रिटायर हो चुके हैं, उनके खिलाफ जांच की जाएगी। दामोदार सिंह सिदार तत्कालीन कार्यपालन अभियंता थे उन्हें निलंबित किया जाएगा। विभागीय जांच भी की जाएगी। तारकेश्वर दीवान एसडीओ को निलंबित कर विभागीय जांच की जाएगी। आरवी पटेल सहायक अभियंता को निलंबित कर विभागीय जांच की जाएगी। एक उपअभियंता का निधन हो गया। रविकांत सारथी उप अभियंता को निलंबित किया जा चुका है। ठेकेदार के खिलाफ वसूली जांच और एफआईआर का आदेश किया गया। ब्लैक लिस्ट किया गया है। जिलास्तर पर काम को खत्म किया जा चुका है।

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