Jhansi Medical College Fire Incident
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड में 10 बच्चों की मृत्यु के मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए प्रधानाचार्य समेत तीन अन्य को निलंबित किया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रिंसिपल को हटा कर उन्हें लखनऊ से अटैच किया गया है। इसके साथ ही कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आरोप पत्र एवं 3 अन्य को निलंबित किया गया है। इस बात की पुष्टि यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की है।
क्षमता से अधिक बच्चों को किया गया था भर्ती
रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस आईसीयू वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई थी, वहां क्षमता से कहीं ज्यादा बच्चों को भर्ती किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में 18 बच्चों को ही एडमिट करने की क्षमता थी,
Jhansi Medical College Fire Incident
लेकिन 15 नंवबर के दिन इस वार्ड में कुल 49 बच्चों का इलाज चल रहा था। वहीं इस रिपोर्ट में कई और बड़े खुलासे हुए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले की जांज के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था। इसके लिए डॉयरेक्टर जनरल स्वास्थ्य और चिकिस्ता शिक्षा (हेल्थ एजुकेशन) के नेतृत्व में चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी।
कैसे लगी आग?
शुरुआती जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। एसएसपी ने कहा, ‘इस घटना के पीछे किन परिस्थितियों या लापरवाही के कारण आग लगी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।’ उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद कुछ माता-पिता अपने बच्चों को घर ले गए। एनआईसीयू में भर्ती बच्चों की स्थिति की जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज ने बताया कि हादसे के वक्त एनआईसीयू में 52 से 54 बच्चे भर्ती थे, जिनमें से 10 की मौत हो गई और 16 का इलाज चल रहा है।

