Tiger Reserve Sanctuary in Chhattisgarh
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक और अभ्यारण्य लिस्ट में शामिल हो गया है। राज्य सरकार ने गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिगंला अभ्यारण्य को एक साथ मिलाकर बाघ अभ्यारण्य बनाने का फैसला किया है। इसके साथ छत्तीसगढ़ में अब बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र बढ़कर 4 हो गए।
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार ने बाघों की सुरक्षा के मामले में एक अहम फैसले लिया है। राज्य सरकार ने सोमवार को गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिगंला अभ्यारण्य को मिलाकर गुरूघासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभ्यारण्य के नाम ले जाना जाएगा। जिसके साथ ही यह देश तीसरा और छत्तीसगढ़ का पहला सबसे बड़ा बाघ रिजर्व बन गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य को एक और बाघ अभ्यारण्य मिलने पर सीएम साय ने एक्स पर ट्वीट किया है, उन्होंने लिखा है- “बधाई छत्तीसगढ़। गुरूघासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभ्यारण्य के रूप में देश को 56वां अभ्यारण्य मिला यह राज्य के लिए बड़ी खुशी की बात है।“ छत्तीसगढ़ सरकार ने इस फैसले पर केद्रींय मंत्री को आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अभ्यारण्य के लिए छत्तीसगढ़ वासियों को बधाई दी है। मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है-“दहाड़ अब और तेज होगी। बाघ संरक्षण में भारत नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है।”

