Tablet Scam In West Bengal
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘टैबलेट घोटाले’ की जांच को लेकर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक टैब स्कैम की कई शिकायतें सामने आ रही हैं। बंगाल सरकार की ओर से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब खरीदने के लिए 10 हजार रुपये देती है, ताकि उन्हें पढ़ाई करने में सहायता मिल सके।

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वहीं अब खबर सामने आ रही कि सरकार ने टैबलेट या मोबाइल फोन खरीदने के लिए छात्रों के बैंक खातों में पैसे भेजे, लेकिन कई छात्रों को यह पैसे नहीं मिले। इस मामले में अब तक कुल 93 केस दर्ज हुए हैं और अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
Tablet Scam In West Bengal
वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ पेशेवर हैकर्स ने स्कूलों के यूजर आईडी, पासवर्ड को हैक कर लिया है। जिसके कारण राज्य सरकार द्वारा भेजी गई आवंटित राशि विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट्स में न जाकर अज्ञात अकाउंट में जमा हो गई। बता दें कि पिछले 24 घंटों में पूर्वी मिदनापुर से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है,
उसके बाद पता चला कि एक इंटरस्टेट गठजोड़ है, जो इस तरह के साइबर धोखाधड़ी घोटाले में लिप्त है। यह गठजोड़ महाराष्ट्र, झारखंड और राजस्थान में काम करता है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने टैब घोटाले पर कहा कि वह इस अपराध के लिए कठोर निर्णय लेंगे और जो लोग इसमें शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
Tablet Scam In West Bengal
क्या है बंगाल का टैब घोटाला?
साल 2022 में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि क्लास 11 और 12 के छात्रों को टैबलेट खरीदने में मदद करने के लिए 10,000 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, स्कूल के अधिकारियों और अभिभावकों ने शिकायतें की कि पात्र छात्रों के खाते में पैसा नहीं आया है।
यह मुद्दा पूर्वी मेदिनीपुर के एक स्कूल की शिकायत के साथ सामने आया, जहां 60 छात्रों ने बताया कि उनके पैसे दूसरे खातों में भेज दिए गए हैं। छात्रों ने दुर्गा पूजा से पहले संबंधित पोर्टल के माध्यम से टैब खरीदने के पैसे के लिए आवेदन किया था, पूजा के बाद छात्रों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाने थे। हालांकि, आरोप लगे कि कई छात्रों को उनके बैंक खातों में पैसे नहीं मिले हैं।

