Crown stolen from Jeshoreshwari temple of Bangladesh: बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से देवी काली का मुकुट चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, मंदिर 51 शक्तिपीठों में एक…

Crown stolen from Jeshoreshwari temple of Bangladesh: बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से देवी काली का मुकुट चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, मंदिर 51 शक्तिपीठों में एक…

Crown stolen from Jeshoreshwari temple of Bangladesh

सतखीरा। बांग्लादेश के सतखीरा में गुरुवार (10 अक्टूबर) को जेशोरेश्वरी मंदिर से देवी काली का मुकुट चोरी हो गया। यह मुकुट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में बांग्लादेश यात्रा के दौरान मंदिर को भेंट किया था।

 नवरात्रि में इस शक्तिपीठ से चोरी हुआ मां काली का सोने–चांदी से बना मुकुट, PM मोदी ने किया था भेंट

जानकारी के मुताबिक,  बांग्लादेश के सतखीरा में जेशोरेश्वरी मंदिर में चोरी की एक घटना सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मुकुट, जो चांदी और सोने की परत से बना था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवी काली को भेंट किया गया था। बता दें कि, जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

Crown stolen from Jeshoreshwari temple of Bangladesh

भारत ने जताई चिंता
वही मंदिर की देखभाल करने वाले सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि कल गुरूवार को  मंदिर से मां काली की मुकुट चोरी हो गई। वही इस घटना पर भारत ने चिंता जाहिर की है। भारत ने बांग्लादेश से इस मामले की जांच करने और चोरी हुए मुकुट को ढुंढने का आग्रह किया है।

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आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का मांग

वही ढाका में भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा, “हमें इस घटना से दुख हुआ है। हम जल्द ही बांग्लादेश सरकार से अनुरोध करेंगे कि वह चोरी की जांच करे, मुकुट को ढूंढे, और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे।”

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जेशोरेश्वरी मंदिर का महत्व
बता दें कि, सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित जेशोरेश्वरी मंदिर की स्थापना 12वीं शताब्दी में अनारी नामक ब्राह्मण ने की थी, जिन्होंने जेशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला एक मंदिर बनाया। इसके बाद, 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने मंदिर का जीर्णोद्धार किया और आखिरी में  राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण कराया। इस मंदिर को भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि माता सती की हथेलिया गिरी थी, जिसके कारण इसका निर्माण किया गया।

 51 शक्तिपीठों में शामिल है बांग्लादेश का यह मंदिर, गिरी थीं मां सती की हथेलियां

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