Assistant secretary commits suicide in MP: सहायक सचिव ने किया सुसाइड, मौत को गले लगाने से पहले बनाया वीडियो, कहा – एक “लाख रुपए दे दूंगा तो बाल-बच्चे कैसे पालूंगा”

Assistant secretary commits suicide in MP: सहायक सचिव ने किया सुसाइड, मौत को गले लगाने से पहले बनाया वीडियो, कहा – एक “लाख रुपए दे दूंगा तो बाल-बच्चे कैसे पालूंगा”

Assistant secretary commits suicide in MP

 खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक रोजगार सहायक ने कीटनाशक पीकर सुसाइड कर लिया है। मौत को गले लगाने से पहले युवक ने वीडियो बनाया है। इसमें युवक ने जनपद महिला सीईओ को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है।

जानकारी के मुताबिक, गुलगांव रैय्यत पंचायत के सहायक सचिव गजेंद्र सिंह राठौर के रूप में हुई है। इससे पहले राठौर ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में वो कहते नजर आए कि उनकी मौत का जिम्मेदार पुनासा जनपद पंचायत सीईओ रीना चौहान है।

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सहायक सचिव ने सीईओ पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक गजेंद्र सिंह राठौर ने इस वीडियो में महिला सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते है। मृतक ने महिला से 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग करने का आरोप लगाया है। वीडियो  में सहायक सचिव कहता नजर आ रहा है कि ‘भ्रष्टाचारी सरकार में भ्रष्ट अधिकारी हैं। अगर मैं एक लाख रूपए दे देता तो मेरी नौकरी रहती। लेकिन, अगर मैं उन्हें एक लाख रुपए दे दूंगा तो बाल-बच्चे कैसे पालूंगा?

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काम में लापरवाही के चलते सस्पेंड

गजेंद्र सिंह गुलगांव रैय्यत पंचायत में सहायक सचिव के पद पर काम कर रहे थे। उन्होंने सुसाइड से पहले रीना चौहान पर गंभीर आरोप लगाए है। जानकारी के मुताबिक, गजेंद्र सिंह को काम में लापरवाही के चलते सस्पेंड कर दिया गया था। वे पिछले 5 महिने से सस्पेंड है जिसके कारण वे आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। इन समस्याओं से तंग आकर उन्होंने ऐसा कदम उठाया।

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जहर का सेवन करने से मौत

वीडियो मिलने के बाद मृतक के परिजन घटना स्थल पर पहुंचे और उन्हें पुनासा के अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय तक वो जिंदा थे, लेकिन उनकी हालत बहुत गंभीर थी। पुनासा अस्पताल ने भी उनकी हालत देखकर तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन, देर शाम को उनकी मौत हो गई।

सीईओ ने बताया आरोपों को बेबुनियाद

पुनासा जनपद पंचायत की सीईओ रीना चौहान ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सहायक सचिव गजेंद्र राठौर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी में आए दो साल हो चुके हैं, जबकि मामला दो साल पुराना है। राठौर का वेतन उस समय के लिए नहीं बन सकता जब वह कार्य पर नहीं आए। फिलहाल, राठौर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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