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Kangana Ranaut : ‘वो आजादी नहीं भीख थी’ वाले विवादित बयान में कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस

Kangana Ranaut

फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हमेशा अपने बयानों से विवाद में रहने वाली बीजेपी सांसद कंगना रनौत को अब अपने एक और बयान पर अदालत में सफाई देना होगा। देश की आजादी को लेकर कंगना रनौत एक बयान दिया था।

हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान पर माफी मांग ली थी। लेकिन जबलपुर की अदालत ने नोटिस जारी कर दिया है। दरअसल, जब कंगना ने यह बयान दिया था, तब जबलपुर के अदालत में याचिका दायर की गई थी। जिस पर सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विश्वेश्वरी मिश्रा की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की थी, कोर्ट ने कंगना का बयान सही नहीं माना और उन्हें नोटिस भेजा है।

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जिसकी अगली सुनवाई की तारीख भी तय कर दी गई है। अब 5 नवंबर 2024 को इसकी सुनवाई होगी। वहीं परिवाद दायर करने वाले शिकायतकर्ता अधिवक्ता अमित साहू का कहना है कि देश की आजादी पर दिए गए कंगना रनौत के बयान से न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान हुआ है बल्कि हर भारतीय को ठेस भी पहुंची है।

फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने एक विवादित बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि, ”भारत को 1947 में अंग्रेजों से जो आजादी मिली वह भीख में मिली थी, वह हमने लड़के हासिल नहीं की।” कंगना रनौत का कहना था कि, ”लॉर्ड माउंटबेटन एक संधि के तहत भारत को आजादी देकर चले गए।

” बयान को आगे जारी रखते हुए कंगना ने कहा कि, ”भारत सही मायने में 2014 में स्वतंत्र हुआ।” कंगना का कहना है कि, ”भारत को अंग्रेजों ने लड़कर गुलाम किया था फिर भी बिना लड़े भारत से चले गए, इसलिए इस आजादी को भीख में मिली हुई आजादी ही माना जाएगा।”

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