Independence Day 2024
नई दिल्ली। देश आज अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराया। पंडित नेहरू के बाद ऐसा करने वाले वे दूसरे पीएम हैं।इस मौके पर पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का जिक्र किया।
इनमें सबसे ज्यादा कड़े शब्दों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जल्द से जल्द जांच होने और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम ने महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को राक्षस कहा और ऐसे लोगों को जल्द से जल्द कड़ी सजा की वकालत कि ताकि समाज में विश्वास पैदा हो सके.
अपने 103 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने कहा- लोगों ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं, जिनमें राष्ट्र को विनिर्माण का केंद्र बनाना, ‘सीड कैपिटल’ बनाना शामिल है.
“आज वो शुभ घड़ी है जब हम देश की आज़ादी के लिए मर मिटने वाले, अपना जीवन समर्पित करने वाले आज़ादी के दीवानों को नमन करने का ये पर्व है. ये देश उनका ऋणी है. ऐसे हर देशवासी के प्रति हम अपना श्रद्धा भाव व्यक्त करते हैं।” पीएम ने कहा, आजादी के दीवानों ने आज हमें स्वतंत्रता की सांस लेने का सौभाग्य दिया है। ये देश महापुरुषों का ऋणी है।

आजादी के बाद देशवासियों को माई-बाप कल्चर से गुजरना पड़ा था। हमने गर्वनेंस के इस मॉडल को बदला। आज सरकार खुद जनता की जरूरतें पूरी कर रही है। देश में 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड है। अब देश को सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत है।
हमारे देश के बच्चों को जाने कैसे-कैसे देशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। अगले पांच साल में 75 हजार नई मेडिकल सीटें बढ़ाई जाएंगी। कोलकाता रेप-मर्डर पर उन्होंने कहा- ऐसे राक्षसों को फांसी पर लटकाया जाए।
इससे पहले पीएम मोदी ने सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। 78वें स्वतंत्रता दिवस की थीम विकसित भारत है। इसके तहत स्वतंत्रता के 100वें साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान जो मोटा अनाज पैदा करते हैं, उस सुपर फूड को दुनिया के हर डायनिंग टेबल तक पहुंचाता है। कई लोगों ने सुझाव दिया कि देश में स्थानीय स्वराज की संस्थाओं से लेकर तमाम इकाइयों हैं,
उसमें गर्वर्नेंस के रिफॉर्म की जरूरत है. न्याय व्यवस्था मे रिफॉर्म का सुझाव भी लोगों ने दिया है। अगर 40 करोड़ लोग गुलामी की बेड़ियां तोड़कर आजादी हासिल कर सकते हैं, तो जरा सोचिए कि 140 करोड़ लोगों के संकल्प से क्या हासिल किया जा सकता है।

