Kabirsagar project
दामाखेड़ा। छत्तीसगढ़ के दामाखेड़ा में बन रहे कबीर सागर तालाब का बाउंड्री वाल जिसकी लागत लगभग 21 करोड़ की थी, तीन दिन हुई तेज बारिश के चलते गिर गई। दीवार गिरने के बाद अब इसकी गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल, दामाखेड़ा के कबीर सागर तालाब में 21 करोड़ की लागत से बॉन्ड्री वाल का निर्माण किया जा रहा था, लेकिन कुछ दिन पहले दामाखेड़ा में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते दीवार भरभराकर कर गिर गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार को बनाने में अच्छी गुणवत्ता का ख्याल नही रखा गया है.
अगर दीवार की नींव को मजबूत बनाया जाता तो दीवार नही गिरती. इस घटना के बाद से दीवार बनाने वाले ठेकेदार और अफसरों की ओर से अभी तक की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
Kabirsagar project
पूर्व मुख्यमंत्री ने दी थी 22.43 करोड़ की स्वीकृति राशि
बता दे कि दामाखेड़ा में कबीर पंथ के धर्म गुरू प्रकाश मुनि नाम साहेब की विशेष मांग पर कबीर सागर तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के द्वारा 22.43 करोड़ की स्वीकृत राशि प्रदान की गई थी। जिसका भूमिपूजन पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के द्वारा किया गया था।
कबीर सागर तालाब के चारो चरफ कांक्रीट का बाउंड्री वाल बनाना था ताकि मिट्टी बह कर तालाब में ना जा सके। जिसके तहत पिछले एक साल से PWD के द्वारा दीवार बनाने का काम चालू था।
ठेकेदार और इंजीनियर की बड़ी लापरवाही
कबीर सागर तालाब के अंदर बाउंड्री वाल बनकर लगभग तैयार था, दीवार के आस पास मुरूम व मिट्टी से फिलिंग का कार्य किया जा रहा था। तीन दिन लगातार बारिश के कारण तालाब का पार धंस गया और अधिक दबाव के वजह से दीवार भरभराकर गिर गई।
इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग गया वही इसमें घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है। इस निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और इंजीनियर की लापरवाही के साथ ही साथ PWD विभाग द्वारा निर्माण कार्य की जांच ना करना भी एक बड़ी लापरवाही को दर्शा रही है।
