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Second Sawan Somvar : आज सावन के दूसरे सोमवार जानिए पूजा मुहूर्त और महत्व

Second Sawan Somvar

श्रावण मास का सावन सोमवार व्रत बाबा भोलोनाथ की असीम कृपा पाने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए बेहद विशेष महत्व वाला माना जाता है। इस साल सावन की खाश बात ये है कि सावन की पहली शुरुआत ही सोमवार से हुई थी और इसका समापन भी सोमवार के दिन ही होगा। इस बार सावन में 5 सावन सोमवार व्रत हैं, जिसकी वजह से भी सावन का महीना बेहद महत्वपूर्ण है।

आज सावन का दूसरा सोमवार है। सावन सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। भक्त सावन में बाबा भोलेनाथ की पूजा उपासना कर महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए सोमवार के दिन व्रत रखते है। धार्मिक मान्यता है कि सावन महीने के सोमवार को भगवान शिव की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Second Sawan Somvar

दूसरा सावन सोमवार मुहूर्त और योग

पूजन विधि
इस बार सावन मास में पांच सोमवार होंगे। सावन मास के सोमवार पर अपनी मनोकामना पूर्ण हेतु आप भगवान शिव की 108 बेलपत्रों से भगवान की पूजा करें। भगवान शिव पर एक-एक बेलपत्र अर्पित करते हुए ” ॐ साम्ब सदा शिवाय नमः ” का लगातार जाप करें। इससे आपकी मनोकामना पूर्ण होंगी और जीवन में निरंतर सफलता प्राप्त होंगी।

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सावन मास का महत्व
पौराणिक मान्यताओ के अनुसार समुद्र मंथन श्रावण मास में हुआ था। उस समय समुद्र मंथन से 14 प्रकार के तत्व 14 रत्न निकले । इनमें से 13 तत्वों व रत्नों देवताओं व दानवों ने आपस में वितरण कर लिया। उन तत्वों में से एक तत्व हलाहल विष भी निकला। वह हलाहल विष को महादेव ने अपने कंठ (गले) में धारण किया। उससे भगवान शंकर का गला नीला पड़ गया, इससे भगवान शंकर नीलकंठ कहलाए। परंतु उस विष की गर्मी इतनी अधिक थी की देवताओं को गर्मी शांत करने का कोई उपाय नहीं सूझा।

इस पर चंद्रदेव को शिव शंकर ने मस्तक पर धारण किया था तथा भगवान शंकर के मस्तक पर ही गंगा अवतरित किया जिसके बाद भी ताप कम नहीं हुआ। तब जाकर सहस्त्र जलधाराओं से भगवान शंकर का अभिषेक किया गया। तभी से भगवान शंकर पर जल चढ़ाने की परंपरा व धारणा चली आ रही है।

ऐसा भी कहा जाता है कि सावन सोमवार का व्रत करने से माता पार्वती को भगवान शिव पति रूप में मिले थे, इसलिए यह व्रत मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए अविवाहित महिलाओं द्वारा भी रखा जाता है। वहीं, विवाहित महिलाएं अपने खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय माना जाता है और सावन के सभी सोमवार बहुत शुभ होते हैं।

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अलग अलग जलाभिषेक का महत्व
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