Hathras Satsang Stampede
हाथरस. यूपी के हाथरस के स्थित सिकंदराराऊ थाने के फुलवरिया में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ मची। इसमें करीब 100 लोगों की मौत और इतने ही लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि घायलों में कई की हालत गंभीर है। लिहाजा मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जान गंवाने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं।

इस हादसे में प्रशासन की भी घोर लापरवाही देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि सत्संग में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। वहां क्षमता से ज्यादा श्रद्धालुओं को बुलाया गया था। जब सत्संग खत्म हो गया तो लोग जल्दी में बाहर निकलने की होड़ करने लगे। और इस तरह देखते ही देखते हालात बिगड़ गए। भगदड़ इस कदर मची कि लोग एक दूसरे को रौंदते हुए भाग रहे थे। इससे कई लोगों की जान चली गई। हुआ यूं कि प्रवचन खत्म होने के बाद भोले बाबा उर्फ सरकार हरि की गाड़ी के पीछे श्रद्धालु भागे थे। सरकार हरि के वापस जाने के दौरान श्रद्धालु भागे थे, इस वजह से भगदड़ मच गई।
इस मामले की जानकारी जब पीएम मोदी को दी गई तो वे संसद के निचले सदन लोकसभा में अपना भाषण दे रहे थे। उन्होंने भाषण के बीच में ही सदन को इस दुखद घटना की जानकारी दी। इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में हुए हादसे सख्त नाराजगी जताई। साथ ही तुरंत मामले पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हाथरस हादसे के जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। एडीजी आगरा जोन के नेतृत्व में कमेटी जांच करेगी। अलीगढ के कमिश्नर भी जांच करेंगे।

कौन हैं भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि
भोले बाबा का असली नाम नारायण साकार हरि है। सत्संग में बाबा दावा करते था कि कि मैं पहले आईबी में नौकरी करता था। उत्तरप्रदेश में हाथरस जिले के सिकन्दराराऊ क्षेत्र में गांव फुलरई मुगलगढ़ी में प्रवचन चल रहा था।


