Site icon AB News.Press

HM Amit Shah high-level meeting: जम्मू कश्मीर की सुरक्षा, अमरनाथ यात्रा, घुसपैठ, टेरर फंडिंग पर शाह के साथ डोवाल की चर्चा, आतंक पर लगेगी लगाम

HM Amit Shah high-level meeting

रायपुर। ये तस्वीरें दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में हो रही हाई लेवल मीटिंग की हैं। मीटिंग का एजेंडा अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करना और आतंकी हमलों से निपटना है। मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, गृह सचिव, सेना प्रमुख के पद पर मनोनीत लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, आईबी के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के डीजी अनीश दयाल, बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल समेत गृह मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य अधिकारी शामिल हुए हैं

आपको बता दें कि 29 जून को अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली हैं। इसके लिए मोदी सरकार तगड़े इंतजाम करने में जुटी है। इस हाई लेवल मीटिंग में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर चर्चा हुई।

जम्मू कश्मीर और अमरनाथ की सुरक्षा पर बैठक दो दौर में की है। सुबह 11 बजे से जम्मू कश्मीर की सुरक्षा और आतंक निरोधी ऑपरेशन, काउंटर इंटेलीजेंस, टेरर फंडिंग को रोकना, एलओसी पर घुसपैठ रोकना जैसे मुद्दे पर हुई। ये बैठक लगभग दोपहर 2 बजे तक चली है।

दूसरी दौर की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हो गई है। इसके शाम 4-5 बजे तक चलने के आसार हैं। इस बैठक में 29 जून से लेकर 19 अगस्त तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के दोनों रास्ते बालटाल और पहलगाम की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुविधाओं के साथ अन्य कार्यों पर मंथन जैसे मुद्दे हैं।

अब आपको बताते हैं क्यों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लंबी लंबी बैठकें करनी पड़ रही हैं।

दरअसल हाल ही में जम्मू कश्मीर में चार दिन में चार आतंकी हमले हुए हैं। आतंकियों ने पहले एक तीर्थयात्रियों के बस पर हमला बोला था। इसमें दस के करीब लोगों की जान चली गई थी। इनमें 9 यात्री और एक सेना का जवान शामिल था। मरने वालों में तीर्थयात्रियों के बच्चे भी शामिल थे।


मीटिंग में रियासी, कठुआ और डोडा में हुए चार आतंकवादी हमले चर्चा में रहे। अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए 29 जून को शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारी और उसकी सुरक्षा के इंतजामों पर भी बैठक में चर्चा की। उधर आतंक के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए गृहमंत्री अधिकारियों को दिशा निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

यह बैठक इसीलिए भी अहम है क्योंकि जम्मू-कश्मीर में हाल ही में कई आतंकी घटनाएं हुई, जिसके बाद अब अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है और किसी भी तरह का आतंकी हमला न हो, इसीलिए सुरक्षा समीक्षा को लेकर बैठक की जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, अमरनाथ पहुंचने के लिए यात्री जम्मू- कश्मीर के दो रूट का इस्तेमाल करते हैं, बालटाल और पहलगाम। पिछले साल 4.28 लाख से ज्यादा लोग अमरनाथ पहुंचे थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा पांच लाख पार कर सकता है।

Exit mobile version