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Tokhan Sahu Of Chhattisgarh Became Minister: छत्तीसगढ़ से मोदी सरकार में तोखन साहू को मिली जगह, जानिए सरपंची से मंत्री तक का सफर

Tokhan Sahu Of Chhattisgarh Became Minister

रविवार को पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। उनके बाद एक एक कर 71 मंत्रियों ने शपथ ली। लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस नाम की चर्चा रही वे हैं बिलासपुर से सांसद तोखन साहू। उनका नाम मंत्रियों की सूची में है इसकी जानकारी उन्हें खुद भी नहीं थी।

रायपुर। केंद्र की मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल कल यानी रविवार से शुरू हो गया। उनके साथ 71 मंत्रियों ने शपथ ली। मंत्रीमंडल में 30 केबीनेट मंत्री हैं। उधर छत्तीसगढ़ में जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं वो है राज्यमंत्री बनाए गए तोखन साहू का।

कारण, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सांसद तोखन साहू ने रविवार देर शाम केंद्र में मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। केंद्र में राज्यमंत्री बनने वाले तोखन साहू प्रदेश के 7वें सांसद हैं। उन्होंने पहली बार ही लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीते भी।

उनकी कहानी किसी फिल्म के नैरेटिव जैसी है। बिल्कुल दिलचस्प। तोखन साहू ने लोरमी इलाके में सरपंच का चुनाव जीतकर राजनीति में कॅरियर शुरू किया था। साल 2013, में वो भाजपा से जुड़े। इलाके में चर्चित नेताओं में गिनती थी, तो उन्हें पार्टी ने विधायकी की टिकट दिया। तब वे चुनाव जीत गए। इसके बाद 2018 में उन्हें जीत नहीं मिली।

पिछला चुनाव हारने के बाद भाजपा ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में तोखन साहू की जगह अरुण साव को चुनावी मैदान में उतारा। यहां से अरुण साव चुनाव जीते। चूंकि अरुण साव का कद पार्टी में पहले से ही बड़ा था। वे सीएम के दावेदारों में थे। लेकिन उन्हें पार्टी ने डिप्टी सीएम बनाया।

Tokhan Sahu Of Chhattisgarh Became Minister

उधर तोखन साहू पूर्व विधायक की हैसियत इलाके में सक्रिय रहे। जब लोकसभा का टाइम आया तो उन्हें 2024 में भाजपा ने बिलासपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के देवेंद्र यादव से हुआ। चुनाव में तोखन साहू भारी अंतर से जीतकर सांसद बन गए और अब मंत्री बना दिए गए हैं।

तोखन साहू का नाम केबीनेट में शामिल कर मोदी ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषकों चौंका दिया। हालांकि मोदी-शाह की जोड़ी वाली भाजपा की यहीं वर्किेंग स्टाइल है। छत्तीसगढ़ में राजनीति पर नजर रखने वालों का अनुमान था कि बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल या फिर संतोष पांडे को मौका मिल सकता है।

इसके पीछे माना जा रहा था कि बृजमोहन पहले से ही राज्य सरकार में मंत्री थे और उन्होंने बड़े अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया। लगातार आठ बार विधायकी को बरकरार रखा है। दूसरे तरफ विजय बघेल से दूसरी बार सांसदी बरकरार रखी। तीसरा नाम था संतोष पांडे का, जिन्होंने कांग्रेस के दिग्गज और प्रदेश कांग्रेस में सबसे बड़ा चेहरा माने जानी वाली शख्सियत पूर्व सीएम भूपेष बघेल को मात दी है।

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