Lawrence Bishnoi Gang
रायपुर। लारेंस विश्नोई गैंग के शूटर्स को पिस्टल देने वाले राजवीर चावला को छत्तीसगढ़ राजधानी की क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश के बड़वानी में धार दबोचा। जहां से लारेंस गैंग को हथियार सप्लाई करते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजवीर ने शूटर रोहित स्वर्णकार को क्वालालंपुर से मयंक सिंह का फोन आने के बाद दी थी।
एएसपी क्राइम संदीप मित्तल ने बताया कि पूरा गैंग व्हाट्सएप से अजरबैजान और पुर्तगाल के नंबरों से संपर्क में रहता था, इसलिए ट्रेस करने में काफी मुश्किलो का सामना करना पड़ता था। तो वही राजवीर फेसबुक पर मोंटू सिंह के नाम से फर्जी आईडी बनाकर उससे भी हथियारों की सप्लाई किया करता था।

Lawrence Bishnoi Gang
आप को बता दे कि रायपुर के कोल परिवहन कारोबारी और रायगढ़ के सड़क ठेकेदार के परिवार के व्यक्ति की सुपारी झारखंड के अमन साहू गैंग की तरफ से दी गई थी और लारेंस विश्नोई गैंग की तरफ से इस साजिश को मलेशिया में बैठकर मयंक हैंडल कर रहा था। इस केस में पुलिस राजवीर के अलावा पूर्व में दो शूटरों रोहित स्वर्णकार और पप्पू सिंह तथा दो बाइक राइडर्स मुकेश कुमार और देवेंद्र सिंह को रायपुर में रेकी के दौरान ही हिरासत में ले लिया।
तो वही इस बात का खुलासा हुआ कि गिरफ्तारी के दूसरे दिन ये बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे, सूत्रों के मुताबिक अगले दिन चारों सुबह 10 बजे रायपुर के अग्रसेन चौक के आसपास गोलियां चलाने की तैयारी कर रहे थे। उसके बाद रायगढ़ जाकर दो दिन बाद वहां एक और घटना को अंजाम देने वाले थे। पकड़े गए सभी आरोपी अजरबैजान और पुर्तगाल के नंबरों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में थे।

