Bengali New Year: क्या होता है बंगाली नया साल या पोइला बैसाख?, कालीबाड़ी के कार्यक्रम में बिखरी सांस्कृतिक छटा

Bengali New Year: क्या होता है बंगाली नया साल या पोइला बैसाख?, कालीबाड़ी के कार्यक्रम में बिखरी सांस्कृतिक छटा

Bengali New Year

रायपुर। बंगला नव वर्ष बंगाली समाज का खास त्योहार माना जाता है यह दिन बंगाली समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है इस दिन गौ माता की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं पोइला बैसाख यानी बंगाली नव वर्ष के पहले दिन लोग बहुत सारी तैयारी करते हैं अपने घरों की साफ सफाई करते हैं और नए कपड़े खरीदते हैं पूजा पाठ करते हैं और बहुत सारे पकवान भी बनाते हैं.

यह बंगालियों के लिए एक खास पर्व होता है, जिससे वह पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं…बंगाली नया साल या पोइला बैसाख हर साल 14 या 15 अप्रैल को पड़ता है. पोइला बैसाख की परंपरा मुगलकाल से चली आ रही है कल बंग्ला नववर्ष कार्यक्रम कालीबाड़ी में रखा गया जिसमें सांस्कृतिक प्रोग्राम में बच्चें ने भाग लिया.

कार्यक्रम में रायपुर विधायक ने संबोधित करते हुए कहा…बंगाली नए साल की मैं सबको बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं माँ काली से कामना करता हूं सबके जीवन मे खुशयाली आए इस मौके पर कालीबाड़ी बंगाली समिति के अध्यक्ष ने कहा…

 

 

 

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आज बंगला नववर्ष मना रहे है छग के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे उनको हम स्वागत करेंगे
बंगाली काली बाड़ी समिति के सचिव ने कहा….बंगाली कालीबाड़ी समिति अपने 94 वर्ष में पहुंच चुकी है ये संस्था पूरे छग़ और मध्य भारत के पुराना संस्था है यहां हर साल नववर्ष मनाते है

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